प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास मुफ्त में PDF डाउनलोड करें

तुम मेरी आखिरी सांस हो

by kajal jha
  • 7.6k

खामोश हवेली का रहस्य रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से ...

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान।

by kajal jha
  • 5.1k

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश

by Irfan ayan Khan
  • 41.6k

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। ...

हैरानी - Ateet ki Yaadein

by vishnupriya pandit
  • 14.4k

अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' ...

अधूरे इश्क की पूरी दास्तान

by Nirali Ahir
  • 56.5k

खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। ...

अहंकार का पोस्टमार्टम

by Shivraj Bhokare
  • 8.3k

समर्पण उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं। और उन साहसी पाठकों को, जो ...

दो पतियों की लाडली पत्नी

by Sonam Brijwasi
  • (4.5/5)
  • 100.8k

Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला ...

अंतर्निहित

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 130.9k

आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को ...

षड्यंत्र

by Ratna Pandey
  • 16.2k

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी ...

दुश्मनी के दरमियान इश्क

by Shivraj Bhokare
  • 22.8k

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था। हवा ठंडी थी, मगर ...

शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई

by Ramesh Desai
  • 86.7k

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही ...

मुक्त

by Neeraj Sharma
  • 66.5k

कही से भी शुरू कर लीजिये आप को समझ पड़ जायेगी। ये कोई भी नकल के आधारत नहीं है, ...

महाभारत की कहानी

by Ashoke Ghosh
  • (4.5/5)
  • 849k

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले ...

मंजिले

by Neeraj Sharma
  • (4.5/5)
  • 250k

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, ...

सीप का मोती.

by manasvi Manu
  • 4.6k

कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी रेत... ...

Beginning of My Love

by My imaginary world
  • 16.9k

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है… वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने ...

शब्द और सत्य

by Shivraj Bhokare
  • 8.9k

1.प्रेम या व्यापार? जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो, क्या वो रूह का मिलन है, या ...

पहली नज़र का जांदू

by kajal jha
  • 38.3k

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली ...

इश्क और अश्क

by Aradhana
  • (4.4/5)
  • 352.4k

"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने ...

राधा का संगम

by Ramesh Desai
  • 15.5k

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक ...