"नमस्कार दोस्तों! स्वागत है, आप सभी का "मातृभारती" के एक बेहद अनोखे और आपके होश उड़ा देने वाले सफ़र ...
कुछ कहानियाँ मोहब्बत से नहीं शुरू होतीं...शुरू होती हैं एक ऐसे फैसले से, जिसे आप कभी बदल नहीं सकते। लाल ...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या ...
बड़ा सा फ्लैट…जहाँ पहले हँसी गूंजती थी, वहाँ अब एक अजीब-सी खामोशी थी। 7 साल का शिवांश दौड़ता हुआ ...
28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने ...
जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की ...
एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही ...
“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी ...
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 ...
तली हुई पुरणपोली की खुशबू म्हात्रे परिवार के घर में फैब्रिक डाई (कपड़े के रंग) की तेज रासायनिक गंध ...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो ...
कलयुगी महा-उत्पाद और अधर्म की भयानक ज्वालाएँ भड़कने से ठीक १०० वर्ष पूर्व, जब काल-चक्र ने एक पावन युग ...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग ...
भादो मांझी — वंश और विरासतभादो मांझी कई दिनों से मुँह फुलाए बैठा था।घर में उसकी बूढ़ी पत्नी के ...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में ...
शहनाई की गूंज, गेंदे के फूलों की मादक महक और हवन कुंड से उठते पवित्र धुएं ने उस पुरानी ...
लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के ...
मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ ...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर ...
फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी ...
कल्पना कीजिए एक ऐसी स्टोरी जिसमें आदित्य और सिया की रोमांटिक पल हैं| और थ्रिलर काले साम्राज्य की, जिसकी ...
शैली: अपराध, एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, थ्रिलर, इमोशन मेरा नाम प्रीत गावड है। मेरी उम्र सोलह साल है। मैं महाराष्ट्र के ...
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक हॉरर स्टोरी (Fictional Horror Story) है। कहानी का मुख्य ...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से ...
कभी कभी इन्सान अपने जीवन से विरक्त होकर इस सांसारिक जीवन से सन्यास लेकर सन्यासी बन जाता है, लेकिन ...
भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी ...
आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था ...
"अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में ...
वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति ...
शहर की तेज रफ्तार जिंदगी, चमचमाती कारें और ऊंची-ऊंची इमारतें—इन सबके बीच 'ओरियन कॉर्पोरेशन' की इस हफ्ते की शाम ...
(नूरगढ़ की चौड़ी पक्की सड़क पर ढलती हुई धूप ने एक अजीब सी चमक बिखेर रखी थी। हवा में ...
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके ...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं ...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी ...
"किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लपटों से किसी ज़िंदा इंसान ...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक ...
उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा ...
भाग 1 — कंस की भविष्यवाणी और श्रीकृष्ण के जन्म की शुरुआत जय श्रीकृष्ण मथुरा नगरी में उस समय चारों ...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी ...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई ...
कहानी की शुरुआत एक अंधेरे कमरे से होती है, जहाँ एक लड़की लोहे की चेन से लॉक होती है। फिर ...
शाम का वक्त था।बस स्टैंड लगभग खाली था — बस एक 16 साल की लड़की वहाँ खड़ी थी।उसका नाम ...
घड़ी में रात के ठीक पौने बारह बज रहे थे। कमरे में पंखा पूरी रफ्तार से खर्राटे भर रहा ...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। ...
रघुनाथ जी की हवेलीनुमा पुरानी हवेली की दीवारें अब सिर्फ ख़ामोशी की गवाही देती थीं। ढलती शाम के साथ ...
शैलजा सिंह की एंट्री – नया कमरा, नई शुरुआत… या कुछ और?शाम का धुंधलका धीरे-धीरे शहर पर उतर रहा ...
कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन ...
हमारी धरती पर प्रकृति ने अनगिनत जीव जंतु , पेड़ पौधे , फल फूल , झीलें , नदियां , ...