सन 1923 की बात है। उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव भैरवपुर में लोग सूरज ढलते ही अपने ...
सन् 1920 के आसपास की बात है, जब गाँवों में रात सच में अंधेरी हुआ करती थी और लोग ...
पहाड़ों के बीच बसा छोटा सा गाँव देवगढ़ उस दिन कुछ अलग ही खामोशी में डूबा हुआ था। हवा ...
सन 1897 की बात है। नदी के किनारे बसा छोटा सा गांव अजीब डर के साए में जी रहा ...
सन 1893 की ठंडी रात थी। पहाड़ी गांव के ऊपर धुंध ऐसे लिपटी हुई थी जैसे किसी ने पूरे ...
उस रात गांव के बाहर वाला पुराना रास्ता जैसे किसी अनदेखे डर से भरा हुआ था। हवा बिल्कुल धीमी ...
रात इतनी गहरी थी कि जैसे अंधेरा खुद सांस ले रहा हो। हवा में एक अजीब सी ठंडक थी ...
रात का वह पहर था जब हवा भी जैसे सांस रोककर खड़ी हो जाती है। पुराने रेल की पटरियों ...
उस रात जब पहली बार उस पुराने स्कूल के दरवाजे अपने आप खुले, तो हवा में कुछ ऐसा था ...
उस रात गाँव के ऊपर एक अजीब सन्नाटा छाया हुआ था। हवा भी जैसे थम सी गई थी, और ...