राज कुमार कांदु की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

असल मर्द

by राज कुमार कांदु
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लगभग बाईस वर्षीय वह युवक मंत्री का बेटा था। शहर के व्यस्त इलाके में भीड़भाड़ वाली सड़क पर एक ...

असल मर्द

by राज कुमार कांदु
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लगभग बाईस वर्षीय वह युवक मंत्री का बेटा था। शहर के व्यस्त इलाके में भीड़भाड़ वाली सड़क पर एक ...

कहर कोरोना का

by राज कुमार कांदु
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कोरोना का कहर चरम पर था। अपनी मँडई के पीछे बने इकलौते कमरे में कुछ ग्रामवासियों के साथ बैठा ...

मुफ्त का भोजन

by राज कुमार कांदु
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आज शेठ ब्रिजलाल के बेटी की शादी थी। पूरा शहर मानो शेठ जी की इस खुशी में शामिल होने ...

नए साल का जश्न

by राज कुमार कांदु
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राहुल को उसके मित्र करण ने नए साल का जश्न अपने साथ मनाने का न्यौता दिया था। करण और ...

फेसबुकिया बहू

by राज कुमार कांदु
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निशा पढ़ी लिखी सुशिक्षित, सुलझे हुए विचारों वाली और सौम्य व्यवहार वाली खूबसूरत हँसमुख युवती थी। मेहनती व सेवाभावी ...

पिघलती बर्फ

by राज कुमार कांदु
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रामलाल शहर में एक मोहल्ले से होकर गुजर रहे थे। उस मोहल्ले से उन्हें खासी नफ़रत थी, इतनी कि ...

इंसान

by राज कुमार कांदु
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शहर में अचानक दंगे भड़क उठे थे।दो गुटों में मारपीट के बाद हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने पूरे ...

अंतिम पौधा

by राज कुमार कांदु
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चौबीस वर्षीया रजनी की अजीबोगरीब हरकतों से उसकी माँ कमला सकते में थी। बहुत सारे अच्छे रिश्तों को वह ...

गुलाबी नोट

by राज कुमार कांदु
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रामू एक किसान था। इस साल पड़े सूखे ने उसके खेतों के साथ ही उसे भी सूखा दिया था, ...