सर्वश्रेष्ठ महिला विशेष कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

इस घर में प्यार मना है - 6

by Sonam Brijwasi
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आधी रात हो चुकी थी। पूरा घर गहरी नींद में था।सन्नाटा इतना गहरा कि कार्तिक के कदमों की आहट ...

त्रिशा... - 26

by vrinda
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जहां एक ओर त्रिशा तैयार होकर ब्यूटी पार्लर में बैठी थी वहीं यहां गेस्ट हाउस में राजन भी तैयार ...

त्रिशा... - 25

by vrinda
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जगमग जगमग लाईट और रंग बिरंगे फूलों से से इस समय पूरा मैरिज होम और त्रिशा का घर सजा ...

कलाकृति

by Raj Phulware
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कलाकृतिलेखक राज फुलवरे(द फाइल नंबर 22)PART 1 : फाइलों की दुनियावैशाली नगर पुलिस स्टेशन मुंबई की उन इमारतों में ...

त्रिशा... - 24

by vrinda
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राजन के परिवार वालों की तरफ से तय किए चार माह के समय के अंदर ही त्रिशा के परिवार ...

घूरा पर उगा पौधा..?

by softrebel
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शरीर पर लगे घाव तो भरने के लिए ही होते हैं,किंतु मन पर लगे घाव शरीर को भीतर से ...

अदृश्य श्रम: घर के काम को काम क्यों नहीं माना जाता?

by kajal
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सुबह की शुरुआत अक्सर दूसरों के लिए होती है।अलार्म से पहले जागना, सबके उठने से पहले चाय रखना, बच्चों ...

त्रिशा... - 23

by vrinda
  • 771

"इतने कम समय में शादी????" कल्पना ने चिंतित होकर कल्पेश की ओर देखते हुए कहा।"वहीं तो कल्पना, इतने कम ...

कांदेपोहे

by Raj Phulware
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कांदेपोहेलेखक : राज फुलवरेशहर की भीड़भाड़ भरी जिंदगी में, जहाँ हर कोई अपनी जल्दी में, अपनी चिंताओं में डूबा ...

त्रिशा... - 22

by vrinda
  • 663

रात को केक काट कर और सभी मेहमानों को खाना खिलाकर कल्पेश सिंह ने अपनी बेटी का जन्मदिन बड़ी ...

बदलते समाज में गृहिणी की भूमिका और उसकी चुनौतियाँ

by kajal
  • 1.1k

आज की गृहिणी की ज़िंदगी विज्ञान और आधुनिक सुविधाओं के कारण जितनी आसान दिखाई देती है, उतनी ही समय ...

त्रिशा... - 21

by vrinda
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कुछ समय बाद राजन उस जगह लौट आया और फिर जल्द ही खाना पीना हो जाने के बाद राजन ...

चंदेला - 3

by Raj Phulware
  • 1.1k

चंदेला — भाग 3लेखक: राज फुलवरेतीसरा पाठ — प्रकाश की जिम्मेदारीकांता अब केवल एक नाम नहीं रही थी। वह ...

सरोगेसी का काला पक्ष

by Shakuntala Sinha
  • 963

सरोगेसी का काला पक्षसरोगेसी क्या है? सरोगेसी वह मेडिकल क्रिया है जिसमें एक महिला गर्भधारण करती है और जन्म ...

दो दिल, एक धड़कन: सृष्टि का सबसे सुंदर चमत्कारक्या

by Zalak Patel
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आपने कभी सोचा है कि "पूर्णता" का असली अर्थ क्या है? दुनिया की नज़र में पूर्णता बड़ी गाड़ियों, ऊंचे ...

त्रिशा... - 20

by vrinda
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"अरे वाह!!!! तुम्हारे जन्मदिन की तैयारी तुम्हारे शादी के पहले‌ फंक्शन में काम आ गई।।।" महक ने हंसते हुए ...

त्रिशा... - 19

by vrinda
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"भाभी यह गोल्डन बार्डर वाली लाईट पिंक कलर की साड़ी अच्छी लग रही है। और यह ज्यादा हैवी भी ...

त्रिशा... - 18

by vrinda
  • 984

"यह झुमकियां मुझे राजन जी ने दी है।मेरा बर्थ डे गिफ्ट।।।।।" महक की नाटक भरी बातें सुनने के बाद ...

त्रिशा... - 17

by vrinda
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  • 1.1k

"मोनिका!!!!!!!!! त्रिशा को थोड़ी देर में नीचे ले आना कोई साड़ी पहना कर अपनी, वो लोग आज ही रुकाई ...

तपस्विनी

by Raj Phulware
  • 1.1k

तपस्विनीलेखक राज फुलवरेदिशाएँ उस दिन असामान्य रूप से शांत थीं. सूर्य ढलने को था, पर उसकी किरणें जंगल के ...

नारीशक्ति

by Raj Phulware
  • 1.2k

नारीशक्तिलेखक राज फुलवरेसांझ ढल चुकी थी। जंगल के ऊपर हल्का-हल्का धुंध पसरा हुआ था। हवा में ठंडी सरसराहट थी ...

ठुमकी (एक ठुमकती हुई ज़िन्दगी का असमय अंत )

by Rinki Singh
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  • 1.7k

ससुराल से एक साल बाद मायके पहुँची थी |बरामदे की चौखट पार की ही थी कि सामने से फूला ...

वह लड़की… जो आईना बन गई

by Pappu Maurya
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  • 1.1k

— “वह लड़की, जो सफर में मिली थी”दिन: पता नहीं किस तारीख का था।बस इतना याद है कि हवा ...

फूल की कहानी

by KANKSHA VASNIK
  • 1.5k

फूल.... नाम के अनुरूप वो कोमल थी पर उसकी जोड़ेंगी वैसी नहीं थी मां बाप उसे लड़की होने से ...

जहरीला घुंगरू - भाग 2

by Raj Phulware
  • 1.4k

जहरीला घुंगरू भाग 2लेखक- राज फुलवरेअध्याय–7अतीत की धधकती राख**महल के लंबे गलियारों में सन्नाटा पसरा था।राजा वज्रप्राण अपने कक्ष ...

फूल की किस्मत - 1

by KANKSHA VASNIK
  • 2.3k

फूल.... नाम के अनुरूप वो कोमल थी पर उसकी जोड़ेंगी वैसी नहीं थी मां बाप उसे लड़की होने से ...

जहरीला घुंगरू - भाग 1

by Raj Phulware
  • 1.9k

जहरीला घुंगरू भाग 1“दवंडी की गूँज और पहला तूफ़ान”राज्य की शाम हमेशा शांत हुआ करती थी,लेकिन आज हवा में ...

अनकही मोहब्बत - 6

by Kabir
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  • 1.6k

ढाका, 1965 – उमस, बारिश और धीमी जलती मोहब्बतभाग 1: उसका दीदार… जैसे हवा भी ठहर जाएकमलगंज की गली ...

गुनाहों की सजा - भाग 28

by Ratna Pandey
  • (4.6/5)
  • 1.5k

नताशा का प्रश्न सुनने के पहले ही वरुण ने कहा, "जानता हूँ नताशा। मैं कौन हूँ ...? माही से ...

मृदुला

by Rinki Singh
  • (5/5)
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मृदुला के घर से फिर वही आवाजें उठ रही थीं..चीखें, रोने की, बर्तनों के गिरने की, बच्चों के सिसकने ...