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मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 5: बदले की हवा

by Varun
  • 294

रात का जंगल कीड़ों की किटकिट और सियारों की हुंकारों से भरा था। पुराने पत्थर की खदान के पास ...

त्रिशा... - 34

by vrinda
  • 162

त्रिशा अपने ही अंदर गूंज रही और आपस में एक दूसरे से लड़ रही उन दोनों आवाजों को सुन ...

लाल दाग़ - 3

by ARTI
  • 480

धीरे-धीरे Sneha की आँखों में नींद उतर आई।सुबह जब उसकी नींद खुली, तो उसने देखा कि उसके बिस्तर पर ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 8

by Sonam Brijwasi
  • 291

Car के अंदर, रात का समय, हल्की हल्की हवा चल रही है।Kabir ड्राइव कर रहा है। Karan अब भी ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 4: मेहँदी

by Varun
  • 357

शादी में छह दिन बाकी थे। आँगन में मेहँदी की रस्म चल रही थी। सौम्या ज़मीन पर बिछे गद्दों ...

त्रिशा... - 33

by vrinda
  • 615

उस भयावाह रात के बाद जब अगली बार जब त्रिशा की आंख खुली तो उसने खुद को अपने बिस्तर ...

लाल दाग़ - 2

by ARTI
  • 576

जैसे-जैसे Sneha घर के करीब पहुँच रही थी, उसके मन में एक अजीब-सी उम्मीद जाग रही थी।उसे लग रहा ...

त्रिशा... - 32

by vrinda
  • 705

राजन का मन जैसे कर रहा था वो वैसे त्रिशा को इधर उधर धक्का दे रहा था। उसे मार ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 3: डाकू-जख्खड़

by Varun
  • 765

मटन बिरयानी की खुशबू अब भी हवा में तैर रही थी। मंत्री जगनमोहन दयाल ने उँगलियाँ धोते हुए तसल्ली ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 7

by Sonam Brijwasi
  • 1k

रात का कमरा, हल्की नीली लाइटShreya हीटिंग पैड लगाए लेटी है।चेहरा थका हुआ… आँखें आधी बंद… पर अब अकेली ...

त्रिशा... - 31

by vrinda
  • 765

"क्या????????ऐसे टुकुर टुकुर क्या देख रही है मेरी तरफ?????" राजन ने त्रिशा को अपनी ओर देखने के बाद कहा।पर ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 2: चुप्पी

by Varun
  • 696

बाथरूम वाली घटना की उसी शाम, बड़ी हवेली होने वाली शादी की सजावट से जगमगा रही थी। यही हवेली ...

लाल दाग़ - 1

by ARTI
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  • 2.3k

कक्षा में अचानक ठहाकों की आवाज़ गूँज उठी।Sneha ने इधर-उधर देखा तो पाया कि सब बच्चे उसी की ओर ...

अनजान मददगार-The Stranger

by fiza saifi
  • 672

माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब के साथ बाहर ...

त्रिशा... - 30

by vrinda
  • 795

"क्या कहा रे तूने????????अब तू मुझे बताएगी कि मुझे क्या बोलना है और क्या नहीं बोलना ??????""मेरी मर्जी, मेरा ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 1: निर्वस्त्र

by Varun
  • 2.9k

घर भरा हुआ था। आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक। शादी की तारीख़ पास थी, ...

नीलम : एक नाम, कई फैसले

by ARTI
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  • 1.4k

गांव में सुबहें अक्सर शोर से नहीं, खबरों से शुरू होती हैं।उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ।माँ की ...

त्रिशा... - 29

by vrinda
  • 684

बहुत समय तक राजन का इंतजार कर कर के थक चुकी त्रिशा ने प्लेट में रखी पूड़ी सब्जी खानी ...

जीवन की पहचान : रीमा

by Shivani Pandya
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  • 1k

रीमारीमा… फैशन की दुनिया में यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं था। अंतरराष्ट्रीय फैशन शो, नामी ब्रांड्स, विदेशी ...

त्रिशा... - 28

by vrinda
  • 879

महीनों से त्रिशा के घर में जिस शादी की तैयारियां चल रही थी आखिरकार वह शादी पूरे रस्मों और ...

त्रिशा... - 27

by vrinda
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कल्पना और कल्पेश सिंह भदौरिया कि एकलौती बेटी त्रिशा की शादी आज बड़े ही धूमधाम और गाजे बाजे के ...

कोख का संघर्ष

by A
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  • 1k

भाग 1: विश्वास की दरारसुहानी खिड़की के पास खड़ी बाहर गिरती बारिश की बूंदों को देख रही थी, लेकिन ...

इस घर में प्यार मना है - 6

by Sonam Brijwasi
  • 2.2k

आधी रात हो चुकी थी। पूरा घर गहरी नींद में था।सन्नाटा इतना गहरा कि कार्तिक के कदमों की आहट ...

त्रिशा... - 26

by vrinda
  • (5/5)
  • 1.2k

जहां एक ओर त्रिशा तैयार होकर ब्यूटी पार्लर में बैठी थी वहीं यहां गेस्ट हाउस में राजन भी तैयार ...

त्रिशा... - 25

by vrinda
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जगमग जगमग लाईट और रंग बिरंगे फूलों से से इस समय पूरा मैरिज होम और त्रिशा का घर सजा ...

कलाकृति

by Raj Phulware
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कलाकृतिलेखक राज फुलवरे(द फाइल नंबर 22)PART 1 : फाइलों की दुनियावैशाली नगर पुलिस स्टेशन मुंबई की उन इमारतों में ...

त्रिशा... - 24

by vrinda
  • (5/5)
  • 1.1k

राजन के परिवार वालों की तरफ से तय किए चार माह के समय के अंदर ही त्रिशा के परिवार ...

घूरा पर उगा पौधा..?

by softrebel
  • (5/5)
  • 1.1k

शरीर पर लगे घाव तो भरने के लिए ही होते हैं,किंतु मन पर लगे घाव शरीर को भीतर से ...

अदृश्य श्रम: घर के काम को काम क्यों नहीं माना जाता?

by kajal
  • (5/5)
  • 972

सुबह की शुरुआत अक्सर दूसरों के लिए होती है।अलार्म से पहले जागना, सबके उठने से पहले चाय रखना, बच्चों ...

त्रिशा... - 23

by vrinda
  • 993

"इतने कम समय में शादी????" कल्पना ने चिंतित होकर कल्पेश की ओर देखते हुए कहा।"वहीं तो कल्पना, इतने कम ...