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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई

by Khwaab
  • 23.7k

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं। न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार। बस एक दिन ...

ज़िंदगी तू क्या नहीं देती

by Priya
  • 15.1k

मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ ...

बांसुरी की धुन

by prem chand hembram
  • 27.4k

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी ...

कहानी एक लड़की की

by Vishakha Pareek
  • 18.5k

28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने ...

अँधेरे वाला स्टेशन

by Shahroz khan
  • 18.2k

रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच ...

Half Marriage. एक अनकही कहानी

by shilpi
  • 8.3k

शहनाई की गूंज, गेंदे के फूलों की मादक महक और हवन कुंड से उठते पवित्र धुएं ने उस पुरानी ...

हुक्म और हसरत

by Diksha mis kahani
  • 157.3k

हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 ...

अवनि एक अटूट विश्वास

by RAAHULL SHARMA
  • 48.7k

कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के ...

Mr. Ms. Fake

by kajal jha
  • 102.5k

शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो ...

Devil की दास्तान

by Sonam Brijwasi
  • 162.2k

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। ...

एकतरफा प्यार है ये.

by Ankit Khatri
  • 31.9k

एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग ...

K Pop मेरा पति.

by shreya
  • 6.6k

तली हुई पुरणपोली की खुशबू म्हात्रे परिवार के घर में फैब्रिक डाई (कपड़े के रंग) की तेज रासायनिक गंध ...

अधूरी किताब - सीजन 2

by kajal jha
  • 155.7k

अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में ...

Money Vs Me

by fiza saifi
  • 76.7k

लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है?

by Azoorey
  • 49.8k

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या ...

ध्रुव की तारा

by Anamika
  • 47.8k

सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता

by RAAHULL SHARMA
  • 48.4k

कोलकाता: गुनाह का काला जश्न कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के ...

तुम हो तो सब कुछ है

by Ankit Khatri
  • 12.3k

एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं ...

Her Silent Secret

by Sonam Brijwasi
  • 83.4k

विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी ...

नामुमकिन इश्क

by kajal jha
  • (4.4/5)
  • 125.1k

यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक ...