पहाड़ों की ढलानों पर घने चीड़ के जंगलों के बीच बनी वह पुरानी औपनिवेशिक हवेली पिछले कई दशकों से ...
शहर की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में अनामिका और मयूर का रिश्ता औपचारिकताओं के ऐसे दायरे में बंधा था, जहाँ ...
रात के बारह बज चुके थे, पर मयूर के कमरे की खिड़की से आती ठंडी हवा और मोबाइल स्क्रीन ...
The glass-walled cafe on the corner of the avenue was Riddhi’s sanctuary, but lately, it had become the center ...
साल 2008 का वो दौर आज भी मयूर के दिल में किसी महकती पुरानी डायरी की तरह महफूज़ है। ...
सपनों की कोई सामाजिक या आर्थिक सीमा नहीं होती; वे केवल अडिग संकल्प और अथक परिश्रम की मांग करते ...
जब तकनीक केवल स्क्रीन की सीमाओं में कैद थी, तब गुजरात के एक छोटे से शहर से निकले एक ...
शहर की रातें अब सोती नहीं थीं, बस स्क्रीन की नीली रोशनी में करवटें बदलती थीं। सत्ताईस साल का ...
बनारस के अस्सी घाट पर रात जब अपने आखिरी पहर में दाखिल होती थी, तो गंगा का पानी बहना ...
रिया की ज़िंदगी में उलझनों और वादों के लिए कभी कोई जगह नहीं थी। पच्चीस साल की उम्र में ...