Kavita Verma की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

स्वाभिमान - लघुकथा - 3

by Kavita Verma
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तो भाइयों और बहनों आप बिलकुल बेफिकर हो जाइये। आपका प्रिय नेता आपकी सरकार है न जन्म से लेकर ...

अभिमन्यु लड़ रहा है

by Kavita Verma
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रात का सन्नाटा अपने चरम पर था। गली भी दूधिया रोशनी में ऊँघ रही थी। अपने इलाके की लड़ाई ...

एवरलास्टिंग प्यार - Letter to your Valentine

by Kavita Verma
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प्यार तो सदा से है और सदा बना रहे बस उसमे थोड़ा कुछ बदल जाये। वह थोड़ा कुछ क्या ...

हैंडब्रेक

by Kavita Verma
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आज फिर सयाली को ऑफिस से निकलने में देर हो गई। उसने जल्दी से कंप्यूटर बंद किया टेबल पर ...

जंगल की सैर

by Kavita Verma
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उस छोटे से गांव के आखरी छोर पर बने उस बड़े से मकान में बड़ी सारी तैयारियाँ चल रही ...

यात्रा

by Kavita Verma
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सब उतर गए वह वहीं बैठी रही। वह दो कोल्ड ड्रिंक ले आया जो वह उस दिन पी रही ...

आसान राह की मुश्किल

by Kavita Verma
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गरीब के लिये पड़ाव क्या और मंजिल क्या रास्ता आसान क्या और कठिन क्या उसे ...

डर

by Kavita Verma
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लेकिन....मन यूँ ही तो हार नहीं मानता , जब उसके डर पर प्रहार होता है तो उसके अपने तर्क ...

दलित ग्रंथि

by Kavita Verma
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कहानी दलित ग्रंथि घर घर की कहानी है। ये हमारी सामाजिक व्यवस्था है कि हम एक दूसरे से अपनी ...

एक माँ का अपनी विदाई की हुई बेटी को पत्र

by Kavita Verma
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Selected in Matrubharti letter writing competition.