भाग 9हवेली का असली श्राप“मैं तुम्हारे साथ घर आ गया…”उस बच्चे की मुस्कान देखते ही आरव की साँस रुक ...
भाग 8मौत या भ्रम“क्या तुम मेरे साथ खेलोगे…?”पालने में लेटे उस बच्चे की आवाज़ सुनते ही आरव का गला ...
भाग 713वाँ दरवाज़ा“माँ… क्या इस बार भी तुम मुझे बंद रखोगी…?”उस मासूम लेकिन डरावनी आवाज़ के साथ पूरा तहखाना ...
भाग 6आधी रात की औरत“माँ… मुझे बाहर आने दो…”तहखाने में गूँजी उस आवाज़ ने दोनों के शरीर में जैसे ...
भाग 5तहखाने का दरवाज़ा“अगर तुम ये पढ़ रहे हो… तो समझ लो — वो तुम्हें चुन चुकी है।”आरव के ...
भाग 4दीवारों का सच“उसने अपने बच्चे को अभी तक नहीं छोड़ा…”आरव की आँखें उस portrait पर जमी रह गईं।हवा ...
भाग 3बंद कमरा“अब तुम वापस नहीं जा सकते…”कैमरे की स्क्रीन पर लिखे वो शब्द देखकर आरव के हाथ सुन्न ...
भाग 2पहली आवाज़“तुम वापस क्यों आए…?”उस आवाज़ ने जैसे आरव के शरीर का खून जमा दिया।वो तुरंत पलटा।लेकिन पीछे ...
भाग 1शापित हवेलीरात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर ...
वो लड़की जो कभी थी ही नहींरात के ग्यारह बज रहे थे। लखनऊ से बाहर, एक छोटे से कस्बे ...