डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 26

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वंशिका जानती थी कि लोग कहेंगे—"मर्द तो मासूम होता है, वह तो फिसल गया, औरत ने ही उसे संभाला नहीं होगा।" लोग कहेंगे कि वह एक असफल पत्नी है। कोई यह नहीं पूछेगा कि भूपेंद्र ने अपने बच्चों के भविष्य का क्या सोचा? कोई यह नहीं कहेगा कि भूपेंद्र ने अपनी सात फेरों की कसमें क्यों तोड़ीं?अगली सुबह जब घर की खिड़कियों से धूप की पहली किरण अंदर आई, तो घर का माहौल कल जैसा नहीं था। वंशिका ने अपनी आँखों के काले घेरों को मेकअप से छिपाया और रेशमी साड़ी पहनकर पूरे रौब के साथ कमरे से बाहर निकली।