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प्रेरणास्पंदन - 10-11

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय:10अमरसपनेऔरसेवाकासंकल्प मनुष्यकेजीवनमेंसपनोंकामहत्वकेवलएकलक्ष्यतकपहुँचनेकानहीं,बल्किव्यक्तित्वकोगढ़नेकाहोताहै।अक्सरऐसाहोताहैकिहमबड़ेचावसेकोईसपनादेखतेहैं,उसकेलिएकड़ीमेहनतकरतेहैं,लेकिनसमयऔर

प्रेरणास्पंदन - 8-9

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय:8अनुभवकीपतवारऔरसंकल्पकासंसार जीवनकापथकिसीविशालमहासागरकीभांतिहै,जहाँसमयकीलहरेंनिरंतरअपनामिजाजबदलतीरहतीहैं।कभीस्थितियाँशांतहोतीहैं,तोकभीसंकटोंकाभीषणज्वारउठताहै।ऐसेमेंमनुष्यकीसफलताइसबातपरनि

प्रेरणास्पंदन - 6-7

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय:6अनजानफरिश्ते जीवनकेरास्तेकभी-कभीहमेंऐसेमोड़परलेआतेहैं,जहाँहमेंइंसानियतकेनएऔरअद्भुतरूपदेखनेकोमिलतेहैं।यहकहानीएकऐसेहीदिनकीहैजबसंघर्षऔरसादगीकेबीचएकअनोखीघटनाघटी।दोमित्रएकशनिवारकीदोपहररायप

प्रेरणास्पंदन - 4-5

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय:4जीवनकीमशालऔरसंघर्षकासंकल्प मानवजीवनएकऐसीसरिताकेसमानहैजोनिरंतरप्रवाहितहोतीरहतीहै।इसमार्गमेंकईबारबड़े-बड़ेपत्थरऔरचट्टानेंरुकावटबनकरखड़ीहोजातीहैं,किंतुक्याकभीपत्थरोंकीबंदिशसेबहतीहुईनदियांरुक

प्रेरणास्पंदन - 2-3

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय:2मानवताकीअमरजोत जीवनकीराहेंहमेशाफूलोंभरीनहींहोतीं।कभी-कभीइंसानकेजीवनमेंऐसावक्तआताहैजबउसेचारोंओरअंधेराहीअंधेरादिखाईदेताहै।निराशाकेबादलइतनेघनेहोजातेहैंकिव्यक्तिकोअपनीहस्तीऔरइससंसारकीसार्थ

प्रेरणास्पंदन - 1

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय:आस्थाऔरप्रकृतिकाअटूटबंधनप्रस्तावनाभारतएकऐसादेशहैजहाँप्रकृतिकोकेवलसंसाधननहीं,बल्कि'माता'मानाजाताहै।जबपूरीदुनियाग्लोबलवार्मिंगऔरजंगलोंकेकटनेसेपरेशानहै,तबहमारेदेशकेएकराज्यनेसदियोंपुरानीपरंपराकेजरिएप

काव्यांजलि, कविता संग्रह - 3

by Bhupendra Kuldeep
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यह कृति मन से उपजी हुई भावनाएँ है जिसे काव्य के रूप में अर्थ दिया गया है। इस संग्रह ...

काव्यांजलि, कविता संग्रह - 2

by Bhupendra Kuldeep
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अर्थ दिया गया है। इस संग्रह में विभिन्न् विषयों वाले काव्यों का संकलन है। यह आवश्यक नहीं है कि ...

काव्यांजलि, कविता संग्रह - 1

by Bhupendra Kuldeep
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भाग1यह कृति मन से उपजी हुई भावनाएँ है जिसे काव्य के रूप में अर्थ दिया गया है। इस संग्रह ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 34 - अंतिम भाग

by Bhupendra Kuldeep
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अध्याय - 34रमा बेटा तुम ठीक हो। उसके पिता ने पूछा।हाँ पापा बहुत दर्द हो रहा है। रमा कराहते ...