अध्याय:10अमरसपनेऔरसेवाकासंकल्प मनुष्यकेजीवनमेंसपनोंकामहत्वकेवलएकलक्ष्यतकपहुँचनेकानहीं,बल्किव्यक्तित्वकोगढ़नेकाहोताहै।अक्सरऐसाहोताहैकिहमबड़ेचावसेकोईसपनादेखतेहैं,उसकेलिएकड़ीमेहनतकरतेहैं,लेकिनसमयऔर
अध्याय:8अनुभवकीपतवारऔरसंकल्पकासंसार जीवनकापथकिसीविशालमहासागरकीभांतिहै,जहाँसमयकीलहरेंनिरंतरअपनामिजाजबदलतीरहतीहैं।कभीस्थितियाँशांतहोतीहैं,तोकभीसंकटोंकाभीषणज्वारउठताहै।ऐसेमेंमनुष्यकीसफलताइसबातपरनि
अध्याय:6अनजानफरिश्ते जीवनकेरास्तेकभी-कभीहमेंऐसेमोड़परलेआतेहैं,जहाँहमेंइंसानियतकेनएऔरअद्भुतरूपदेखनेकोमिलतेहैं।यहकहानीएकऐसेहीदिनकीहैजबसंघर्षऔरसादगीकेबीचएकअनोखीघटनाघटी।दोमित्रएकशनिवारकीदोपहररायप
अध्याय:4जीवनकीमशालऔरसंघर्षकासंकल्प मानवजीवनएकऐसीसरिताकेसमानहैजोनिरंतरप्रवाहितहोतीरहतीहै।इसमार्गमेंकईबारबड़े-बड़ेपत्थरऔरचट्टानेंरुकावटबनकरखड़ीहोजातीहैं,किंतुक्याकभीपत्थरोंकीबंदिशसेबहतीहुईनदियांरुक
अध्याय:2मानवताकीअमरजोत जीवनकीराहेंहमेशाफूलोंभरीनहींहोतीं।कभी-कभीइंसानकेजीवनमेंऐसावक्तआताहैजबउसेचारोंओरअंधेराहीअंधेरादिखाईदेताहै।निराशाकेबादलइतनेघनेहोजातेहैंकिव्यक्तिकोअपनीहस्तीऔरइससंसारकीसार्थ
अध्याय:आस्थाऔरप्रकृतिकाअटूटबंधनप्रस्तावनाभारतएकऐसादेशहैजहाँप्रकृतिकोकेवलसंसाधननहीं,बल्कि'माता'मानाजाताहै।जबपूरीदुनियाग्लोबलवार्मिंगऔरजंगलोंकेकटनेसेपरेशानहै,तबहमारेदेशकेएकराज्यनेसदियोंपुरानीपरंपराकेजरिएप
यह कृति मन से उपजी हुई भावनाएँ है जिसे काव्य के रूप में अर्थ दिया गया है। इस संग्रह ...
अर्थ दिया गया है। इस संग्रह में विभिन्न् विषयों वाले काव्यों का संकलन है। यह आवश्यक नहीं है कि ...
भाग1यह कृति मन से उपजी हुई भावनाएँ है जिसे काव्य के रूप में अर्थ दिया गया है। इस संग्रह ...
अध्याय - 34रमा बेटा तुम ठीक हो। उसके पिता ने पूछा।हाँ पापा बहुत दर्द हो रहा है। रमा कराहते ...