sukhvinder Singh Rai की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

​एक निवाला महादेव का

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • (0/5)
  • 1.6k

**शीर्षक: भगवान से सौदा (भाग - 1)**कभी फुर्सत मिले न, तो किसी भी बड़े मंदिर के बाहर खड़े होकर ...

ब्रह्मांड की राख

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 1.5k

रात के ठीक 11:43 बज रहे थे। दीवार पर टंगी पुरानी घड़ी के पेंडुलम की आवाज़ उस सन्नाटे में ...

डिजिटलजाल

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • (0/5)
  • 1.7k

कमरे की सीलन भरी हवा में छत वाले पुराने पंखे की 'कटर-कटर' आवाज़ किसी उल्टी गिनती की तरह गूंज ...

अपने ही हाथों लिखी बर्बादी

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • (0/5)
  • 1.7k

सड़क के किनारे लगा इकलौता पीला बल्ब बारिश की तेज़ बौछारों के बीच किसी बीमार इंसान की तरह टिमटिमा ...

झूठा रुतबा

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 1.4k

शहर के उस सबसे महंगे कैफे के बाहर एस्प्रेसो कॉफी और बेक हो रही ब्रेड की महक हवा में ...

​अरेंज मैरिज का संदूक

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • (5/5)
  • 1.7k

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले ...