सर्वश्रेष्ठ प्रेरक कथा कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2

by Geeta Kumari

[5/1, 15:14] Vivek Kumar: शीर्षक: कलम की ताकत: लेखिका गीता कुमारी (एपिसोड 2)​पिछले भाग में मैंने आपको बताया था ...

दीये की लौ

by Kalpana

गाँव के आख़िरी छोर पर एक छोटा-सा कच्चा घर था, जहाँ मीरा अपनी बूढ़ी माँ के साथ रहती थी। ...

बड़े दिल वाला - भाग - 6

by Ratna Pandey
  • 219

अभी तक आपने पढ़ा कि अनुराग ने पहली रात अनन्या की थकान का सम्मान करते हुए उसे नहीं जगाया ...

यादों के रंग

by Vijay Erry
  • 108

---शीर्षक: यादों के रंगलेखक: विजय शर्मा एरी---शहर के सबसे पुराने मोहल्ले की एक तंग-सी गली में स्थित था वर्मा ...

ऑनलाइन वाला प्यार

by A
  • (5/5)
  • 669

आर्यन एक 22 साल का युवा इंजीनियरिंग छात्र था। दिल्ली के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और ...

खोया सम्मान

by Vijay Erry
  • 471

खोया सम्मानएक भावनात्मक हिंदी कहानीलेखक: विजय शर्मा एरी---कहते हैं—इंसान सब कुछ खो सकता है, पैसा, पद, रिश्ते… लेकिन अगर ...

अनोखी परीक्षा

by RAMESH SOLANKI
  • (4.6/5)
  • 495

अनोखी_परीक्षा "बेटा! थोड़ा खाना खाकर जा ..!! दो दिन से तुने कुछ खाया ...

अधूरे सिंदूर की पूरी रस्म

by manoj
  • (4.7/5)
  • 432

खेतों के बीच से गुजरती वह कच्ची राह, जहाँ लाजो अक्सर अपनी सहेलियों के साथ पानी भरने जाती थी। ...

ईमानदार की विदाई

by A
  • (4/5)
  • 609

"देखो भाई, इस देश में बेईमान को जेल भेजने का रिवाज पुराना हो गया है, अब हम ईमानदार को ...

मौसम की करवट

by Vijay Erry
  • 384

मौसम की करवटलेखक – विजय शर्मा एरी(लगभग 1500 शब्दों की कहानी)---सर्दियों की पहली हल्की-सी ठंड पड़ चुकी थी। सुबह ...

माँ की ममता

by Vijay Erry
  • (4.2/5)
  • 822

माँ की ममतालेखक – विजय शर्मा एरी(लगभग 1500 शब्दों की कहानी)---1. एक छोटी-सी सुबह, बड़ा-सा एहसाससर्दियों की हल्की-हल्की गुनगुनाती ...

अदृश्य रक्षक

by manoj
  • (5/5)
  • 585

​आन्या की आँखें खुलती हैं। कमरा अंधेरे में डूबा है और फर्श पर कपड़ों का ढेर लगा है। उसकी ...

नये साल में हर तरफ खुशियों की बाहर हो

by Yogendrakumar Pandey
  • (4.8/5)
  • 669

आज आंग्ल नववर्ष का प्रथम दिवस है। कैलेंडर में पूरे एक साल की तारीख बदलना और नये वर्ष का ...

एक चाय वाला

by Vijay Erry
  • (5/5)
  • 768

──────────────────एक चाय वालालेखक : विजय शर्मा ‘एरी’आड़ा शहर की सबसे टेढ़ी सड़क का नाम है जवाहर मार्ग। सड़क टेढ़ी ...

नया रास्ता

by Rajeev kumar
  • 582

कहीं कोई रास्ता न दिखे फिर भी रास्ता तो निकालना ही पड़ता है। सारे लोग एक दुसरे का मुंह ...

जिंदगी उधार नहीं होती

by PAYAL PARDHI
  • (0/5)
  • 744

शीर्षक: ज़िंदगी उधार नहीं होतीराहुल के घर में हर सुबह डर के साथ शुरू होती थी।डर इस बात का ...

Phenomenal Pablo: मेरी यात्रा, मेरे सबक

by Omkar Dutta
  • (4/5)
  • 684

कहते हैं हर कहानी की शुरुआत आसान नहीं होती। मेरी भी नहीं थी। मैं वह लड़का था जो सपनों ...

बड़े दिल वाला - भाग - 5

by Ratna Pandey
  • 1.1k

अभी तक आपने पढ़ा कि अनन्या वीर के पत्र को पढ़कर भावुक हो गई और मन ही मन अनुराग ...

नयी राह

by Vijay Erry
  • 660

नयी राहHindi Kahani • लगभग 1500 शब्दलेखक – Vijay Sharma Erry---शाम का सूरज गाँव धनपुरा की पगडंडी पर अपने ...

ट्रिपलेट्स भाग 4

by Raj Phulware
  • 615

ट्रिपलेट्स भाग 4लेखक राज फुलवरेअध्याय 8 : अंडरग्राउंड लैब — जहाँ इंसान प्रयोग बन जाते हैंभाग 1 : अंधेरे ...

भगवत गीता जीवन अमृत

by Deepak Bundela
  • (0/5)
  • 1.1k

प्रश्न 1: बार-बार असफलता क्यों मिलती है?कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन — भगवद गीता 2.47️ फल नहीं, कर्म पर ध्यान ...

रहनुमा

by kirti chaturvedi
  • (4.8/5)
  • 9.3k

रहनुमा आज ईद का दिन था। साहिल नमाज़ पढ़ने गए हुए थे। अंबर घर को सजाने में लगी थी। ...

कृष्ण–अर्जुन

by Raj Phulware
  • (0/5)
  • 1.3k

⭐ कृष्ण–अर्जुनकुरुक्षेत्र का युद्ध समाप्त हो चुका था।घोड़ों की हिनहिनाहट, रथों की गड़गड़ाहट,तीरों की वर्षा और रणभूमि की गर्जना—सब ...

डिग्री, लेकिन भविष्य नहीं [Indian Education System]

by Om Prakash
  • (0/5)
  • 933

डिग्री के बाद भी बेरोज़गारी(भारतीय शिक्षा व्यवस्था की एक सच्ची कहानी)रमेश एक छोटे से गाँव में पैदा हुआ, जहाँ ...

क़ानून और इंसाफ

by Wajid Husain
  • 675

वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानीअदालत की खिड़की से हल्की धूप भीतर घुस रही थी। धूप की वह पतली लकीर ...

खोयी हुई चाबी

by Vijay Erry
  • (0/5)
  • 945

खोयी हुई चाबीVijay Sharma Erryसवाल यह नहीं कि चाबी कहाँ खोयी, सवाल यह है कि हमने कब से खुद ...

ट्रिपलेट्स भाग 3

by Raj Phulware
  • 564

ट्रिपलेट्स भाग 3लेखक राज फुलवरेअध्याय 6 : जब आईने आमने-सामने आएभाग 1 : सुनसान फैक्ट्री — टकराव की जगहशहर ...

जहाँ से खुद को पाया - 4 (लास्ट पार्ट)

by vikram kori
  • (0/5)
  • 813

Part - 4 लास्ट पार्टसुबह की हवा में हल्की ठंडक थी, लेकिन सयुग के भीतर अजीब सी तपिश थी।‎रात ...

जहाँ से खुद को पाया - 3

by vikram kori
  • 1k

‎part - 3‎‎दिल्ली की रातें अब सयुग को डराती नहीं थीं। ‎पहले जिन सड़कों पर चलते हुए उसे अपने ...

अधूरी प्रेम कहानी

by Vijay Erry
  • (0/5)
  • 1.1k

–––अधूरी प्रेम कहानीलेखक : विजय शर्मा एरीमालगाँव में गर्मियों की दोपहरें इतनी लम्बी होती हैं कि लगता है सूरज ...