जून का महीना था, बेतहाशा गर्मी, चिलचिलाती धूप, सूर्य देव का प्रकोप अपने चरम पर था, जैसे सबकुछ जला ...
एक रानी का बलिदान(लगभग 1800 शब्दों की हिंदी कहानी)---प्रस्तावनाइतिहास के पन्नों में कई ऐसी गाथाएँ दर्ज हैं, जहाँ स्त्रियों ...
रिश्तों का दर्दलेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनारिश्ते जीवन की सबसे बड़ी पूँजी होते हैं। ये हमें सहारा देते हैं, हमें ...
सुबह का समय था।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन सड़कों पर भागती जिंदगी की आहट सुनाई देने ...
️ महाशिवरात्रि व्रत कथा काव्य रूपफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात आई,अंधकार में चंद्रमा की रौशनी छाई।वन में गूँज उठे ...
---तिरंगा हमारी शान️ लेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनाभारत का राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा, केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं है। यह उन ...
निधि हमेशा सोच-समझकर काम करती थी। घर में सबका ख्याल रखना उसका स्वभाव था। लेकिन कुछ लोग—खासकर उसकी सास—उसकी ...
सुबह का समय था।हल्की धूप आँगन में बिखर रही थी।चित्रा चुपचाप बैठी, बच्चे को गोद में लेकरधीरे–धीरे तेल की ...
तभी जेठानी अंदर आई।हाथ में चाय।चेहरे पर माँ जैसी चिंता की एक्टिंग।“अरे… थक गई होगी… इतने काम कर लिए…”वह ...
स्नेहिल नमस्कार मित्रो कभी कभी हम अपने आपसे डरकर जीते हैं। कोई भी अप्रत्याशित घटना जीवन में ...
घर अब पहले जैसा शांत नहीं रहा था।अब हर दीवार पर ताने गूँजते थे।हर सांस पर टोका-टोकी थी।और हर ...
घर के सबसे ज्यादा खालीपन अगर कहीं था, तो वह मेरे ताऊजी की आँखों में था। पिताजी के जाने ...
कहानी: ज्ञान ही असली शक्ति हैएक गाँव में दो भाई रहते थे अर्जुन और भीम। दोनों मेहनती थे, लेकिन ...
कहानी: खाली जेब और भरा दिमागएक गाँव में दो दोस्त रहते थेमोहन और सुरेश।मोहन के पिता बहुत अमीर थे। ...
प्रिय मित्रो! हर बार की भाँति यह वर्ष भी चला गया। कितना खोया, कितना पाया, कोई हिसाब नहीं। ...
वरिष्ठ पत्रकार/साहित्यिकार/'दि ग्राम टूडे' प्रकाशन के समूह संपादक/आदरश्रेष्ठ अग्रज डा. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी के जन्मदिन (27 जनवरी) पर ...
प्रतिदिन की तरह उस दिन भी विद्यालय का वातावरण शांत, अनुशासित और पवित्र था। सुबह की हल्की धूप विद्यालय ...
---असली सचलेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनाजीवन के मंच पर जो दिखाई देता है, वह अक्सर सच नहीं होता। असली कहानी ...
नया हिंदी गीत: “संसार एक ठिकाना” मुखड़ा (कोरस):संसार एक ठिकाना है, पल भर का ये साथ,आज हँसी की धूप ...
अगली सुबह जैसे ही सूरज ने आँगन पर हल्की किरणें डालीं, चित्रा ने अपनी आँखें खोलीं। रात भर का ...
एपिसोड 3— “निधि का पहला दिन”ससुराल के बड़े-से आँगन में आज गहमा-गहमी थी। रिश्तेदारों की भीड़, हंसी-ठिठोली, गहनों की ...
बाल विवाहमालकिन -रामकली बर्तन साफ हो गए हो तो तुम्हारी बेटी की शादी है यह शगुन लेती जाना अपने ...
माँ सरस्वती की कथा – ज्ञान की देवी का अवतरण प्राचीन काल की बात है। जब सृष्टि का आरंभ ...
तेरी मेरी कहानी दादी की जुबानीदादी दादी हाँ बच्चो आओं खेलो और मैंने तुम्हारे लिय आम मंगाएं है। लो ...
सुदूर इलाकों के अंदर गहरे नाले के पार, एक सुंदर गाँव, जिसे "नीलाम्बरा" के नाम से जाना जाता है, ...
शादी को कुछ ही दिन बीते थे।संस्कृति अब भी उस घर को समझने की कोशिश में थी—कि कब, कैसे ...
महात्मा गांधी: एक युगपुरुष, एक विचार और मानवता की अमर विरासत |बीसवीं सदी के सबसे महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ...
एक महीना बीत चुका था... उज्जैन स्टेशन की वही चिरपरिचित चुप्पी अब भी बरकरार थी। ट्रेनों की आवाज़ें, ...
बीसों साल बीत गए, सब कुछ कितना बदल गया। लेकिन आजवह मन बना कर उठा कि इस बार गांव ...
"कुछ बोझ कंधों पर नहीं, आत्मा पर होते हैं। और वो बोझ तब तक हल्के नहीं होते जब तक ...