सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

इंसानियत

by Rinki Singh
  • 192

जून का महीना था, बेतहाशा गर्मी, चिलचिलाती धूप, सूर्य देव का प्रकोप अपने चरम पर था, जैसे सबकुछ जला ...

एक रानी का बलिदान

by Vijay Erry
  • 168

एक रानी का बलिदान(लगभग 1800 शब्दों की हिंदी कहानी)---प्रस्तावनाइतिहास के पन्नों में कई ऐसी गाथाएँ दर्ज हैं, जहाँ स्त्रियों ...

रिश्तों का दर्द

by Vijay Erry
  • 570

रिश्तों का दर्दलेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनारिश्ते जीवन की सबसे बड़ी पूँजी होते हैं। ये हमें सहारा देते हैं, हमें ...

पर्दे के पीछे

by ARTI
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सुबह का समय था।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन सड़कों पर भागती जिंदगी की आहट सुनाई देने ...

महाशिवरात्रि व्रत कथा

by Raju kumar Chaudhary
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️ महाशिवरात्रि व्रत कथा काव्य रूपफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात आई,अंधकार में चंद्रमा की रौशनी छाई।वन में गूँज उठे ...

तिरंगा हमारी शान

by Vijay Erry
  • 759

---तिरंगा हमारी शान️ लेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनाभारत का राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा, केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं है। यह उन ...

अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 6

by archana
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निधि हमेशा सोच-समझकर काम करती थी। घर में सबका ख्याल रखना उसका स्वभाव था। लेकिन कुछ लोग—खासकर उसकी सास—उसकी ...

पवित्र बहु - 7

by archana
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सुबह का समय था।हल्की धूप आँगन में बिखर रही थी।चित्रा चुपचाप बैठी, बच्चे को गोद में लेकरधीरे–धीरे तेल की ...

पवित्र बहु - 6

by archana
  • 768

तभी जेठानी अंदर आई।हाथ में चाय।चेहरे पर माँ जैसी चिंता की एक्टिंग।“अरे… थक गई होगी… इतने काम कर लिए…”वह ...

उजाले की ओर –संस्मरण

by Pranava Bharti
  • 1k

स्नेहिल नमस्कार मित्रो कभी कभी हम अपने आपसे डरकर जीते हैं। कोई भी अप्रत्याशित घटना जीवन में ...

पवित्र बहु - 5

by archana
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  • 1.3k

घर अब पहले जैसा शांत नहीं रहा था।अब हर दीवार पर ताने गूँजते थे।हर सांस पर टोका-टोकी थी।और हर ...

पत्थर कि प्रेम

by sacit karmi
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  • 1.5k

घर के सबसे ज्यादा खालीपन अगर कहीं था, तो वह मेरे ताऊजी की आँखों में था। पिताजी के जाने ...

ज्ञान ही असली शक्ति है

by Raju kumar Chaudhary
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कहानी: ज्ञान ही असली शक्ति हैएक गाँव में दो भाई रहते थे अर्जुन और भीम। दोनों मेहनती थे, लेकिन ...

पैसा बड़ा या ज्ञान

by Raju kumar Chaudhary
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कहानी: खाली जेब और भरा दिमागएक गाँव में दो दोस्त रहते थेमोहन और सुरेश।मोहन के पिता बहुत अमीर थे। ...

उजाले की ओर –संस्मरण

by Pranava Bharti
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प्रिय मित्रो! हर बार की भाँति यह वर्ष भी चला गया। कितना खोया, कितना पाया, कोई हिसाब नहीं। ...

एक यादगार मुलाकात

by Sudhir Srivastava
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वरिष्ठ पत्रकार/साहित्यिकार/'दि ग्राम टूडे' प्रकाशन के समूह संपादक/आदरश्रेष्ठ अग्रज डा. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी के जन्मदिन (27 जनवरी) पर ...

रक्षक का रक्षक

by Dayanand Jadhav
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प्रतिदिन की तरह उस दिन भी विद्यालय का वातावरण शांत, अनुशासित और पवित्र था। सुबह की हल्की धूप विद्यालय ...

असली सच

by Vijay Erry
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  • 1.4k

---असली सचलेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनाजीवन के मंच पर जो दिखाई देता है, वह अक्सर सच नहीं होता। असली कहानी ...

संसार एक ठिकाना

by Raju kumar Chaudhary
  • 1.3k

नया हिंदी गीत: “संसार एक ठिकाना” मुखड़ा (कोरस):संसार एक ठिकाना है, पल भर का ये साथ,आज हँसी की धूप ...

पवित्र बहु - 4

by archana
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  • 1.8k

अगली सुबह जैसे ही सूरज ने आँगन पर हल्की किरणें डालीं, चित्रा ने अपनी आँखें खोलीं। रात भर का ...

अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 5

by archana
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  • 1.9k

एपिसोड 3— “निधि का पहला दिन”ससुराल के बड़े-से आँगन में आज गहमा-गहमी थी। रिश्तेदारों की भीड़, हंसी-ठिठोली, गहनों की ...

बाल विवाह

by Nandini Agarwal
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बाल विवाहमालकिन -रामकली बर्तन साफ हो गए हो तो तुम्हारी बेटी की शादी है यह शगुन लेती जाना अपने ...

माँ सरस्वती की कथा ( ज्ञान की देवी का अवतरण )

by Raju kumar Chaudhary
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  • 2.1k

माँ सरस्वती की कथा – ज्ञान की देवी का अवतरण प्राचीन काल की बात है। जब सृष्टि का आरंभ ...

तेरी मेरी कहानी - दादी की जुबानी

by Nandini Agarwal
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  • 2.1k

तेरी मेरी कहानी दादी की जुबानीदादी दादी हाँ बच्चो आओं खेलो और मैंने तुम्हारे लिय आम मंगाएं है। लो ...

फुटपाथ की ओर जीवन

by Chandrika Menon
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सुदूर इलाकों के अंदर गहरे नाले के पार, एक सुंदर गाँव, जिसे "नीलाम्बरा" के नाम से जाना जाता है, ...

इस घर में प्यार मना है - 5

by Sonam Brijwasi
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शादी को कुछ ही दिन बीते थे।संस्कृति अब भी उस घर को समझने की कोशिश में थी—कि कब, कैसे ...

महात्मा गांधी: एक युगपुरुष, एक विचार और मानवता की अमर विरासत

by manas kumar kar
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  • 2.6k

महात्मा गांधी: एक युगपुरुष, एक विचार और मानवता की अमर विरासत |बीसवीं सदी के सबसे महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ...

उज्जैन एक्सप्रेस - 6

by Lakhan Nagar
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एक महीना बीत चुका था... उज्जैन स्टेशन की वही चिरपरिचित चुप्पी अब भी बरकरार थी। ट्रेनों की आवाज़ें, ...

रामेसर की दादी (अंतिम भाग)

by navratan birda
  • (4.9/5)
  • 1.6k

बीसों साल बीत गए, सब कुछ कितना बदल गया। लेकिन आजवह मन बना कर उठा कि इस बार गांव ...

उज्जैन एक्सप्रेस - 5

by Lakhan Nagar
  • 1.4k

"कुछ बोझ कंधों पर नहीं, आत्मा पर होते हैं। और वो बोझ तब तक हल्के नहीं होते जब तक ...