अस्पताल से लौटकर शाम ढलने तक हम सब चुपचाप एक साथ बैठे रहे। मौसी के कमरे की डरावनी हालत, ...
एपिसोड 6: जब इश्क़ ने क़ीमत माँगीसुबह की पहली रोशनी खिड़की से कमरे में दाख़िल हुई, लेकिन आरव के ...
---कहानी - गाँव नहीं, भूतों का भंडारमैं हूँ रोहन शेखर, मैं 10वीं जमात का छात्र हूँ और दिल्ली में ...
--- एपिसोड 55 — “नदी किनारे अधूरी रात”रात अपने काले आँचल को और गहरा करती जा रही थी।नदी का ...
अपूर्व के सवाल पर फरजाना जोर से हंस दी और बोली - “वो अधूरा सच था, तुम्हारी माँ दफन ...
अध्याय 6: कंकाल-गजसमय: रात्रि 08:15 PMअविन की आँखों के सामने अभी भी धुंधली सी रोशनी थी। जैसे ही उसने ...
एक अधूरा सच… सिया। क्या था सिया का ये अधूरा सच? सिया घर से तो निकली थी, लेकिन क्या ...
मैंने फ़ोन स्क्रीन की आख़िरी लाइन दोबारा पढ़ी—“जमालीपुरा अस्पताल पहुँचिए। जल्दी।” दिल की धड़कन तेज़ हो गई। “निश! बाहर ...
एपिसोड 5: जब साया करीब आयाउस रात के बाद आरव का घर पहले जैसा नहीं रहा।पेंटिंग में पड़ी दरार ...
--- एपिसोड 54 — “किस्मत की दबी हुई आवाज़ें”हवा में कुछ अनकहा ज़िंदा था।जैसे किसी ने अधूरी किताब के ...
नदी तक जाने वाला रास्ता गाँव से थोड़ा बाहर निकलकर जंगल की ओर मुड़ता था। सुबह की धूप हल्की-हल्की ...
ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमारी अक़्ल और समझ से बाहर होती हैं। आप मानें ...
एपिसोड 4: मुक्ति की पहली दरारउस सुबह आरव देर तक पेंटिंग के सामने खड़ा रहा।रात की बातें अब भी ...
अध्याय 5 – 100 भूतों का दरबारसमय: रात्रि 07:25 PMअविन के शरीर का दर्द, सिंहासन की ठंडी, धातु और ...
--- एपिसोड 53 — “अंधेरी आर्या की शर्त और रूह की स्याही का सौदा”(सीरीज़: अधूरी किताब)---️ 1. हवेली शांत ...
सुबह गाँव में कुछ अलग ही तरह का उजाला था। रात की भारी चुप्पी के बाद यह रोशनी मानो ...
एपिसोड 3: रंगों में छुपा अतीतउस रात के बाद आरव की नींद जैसे उससे रूठ गई थी।हर बार आँखें ...
यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन इसमें डर, थ्रिलर और भयानक रहस्य का हर पन्ना जीवित है।कालीपुर गाँव ...
एपिसोड 52 — “हवेली का प्रेत और रक्षक रूह का जागना”(सीरीज़: अधूरी किताब)️ 1. हवा फटी — और हमला ...
एपिसोड 2: डर से भरोसे तककमरे में अब भी वही अजीब-सी ठंड थी, जैसे दीवारों के भीतर कोई अनकही ...
दुकानों के उस क्लस्टर को पीछे छोड़ हम पहाड़ की और गहरी चढ़ाई में बढ़ते गए। सड़क सँकरी और ...
एपिसोड 51 — “जब पिछले जन्म की गूँज ज़िंदा लौट आई”हवेली में अँधेरा ऐसा छाया था जैसे रात ने ...
एक साल बाद.गांव नरकटिया अब शांत था। पीपल का पेड सूख गया था, और उसकी जडें जमीन में गहराई ...
एपिसोड 1: खामोश पेंटिंग की पहली साँसपुरानी गली की वह कला-दुकान हमेशा की तरह उस शाम भी आधी अँधेरे ...
अध्याय 4 – सिंहासनसमय: रात्रि 07:17 PMअविन मुख्य द्वार के सामने खड़ा था। उसके ठीक सामने, हवेली का मुख्य ...
उस सड़क के बारे में गांव के बुजुर्ग कहते थे कि सूरज ढलने के बाद वह रास्ता किसी और ...
अपूर्व की ऑंखें अन्वेषा के जवाब का इन्तजार कर रही थी।"मतलब ये," अन्वेषा आगे बढी - "कि कुछ सच्चाइयाँ ...
उस मौलवी को दफनाने के बाद एक शख्स उसकी तलाश में गाँव कि तरफ आया, और जब उसने गाँव ...
एपिसोड 50 — “जब रूह ने नाम पुकारा… और समय रुक गया”दरभंगा की हवेली की रात, नीली और सुनहरी ...
कहानी — किराडू का श्रापमेरा नाम राहुल है, और यह कहानी मेरी ज़िन्दगी का सबसे रहस्यमय अनुभव है।मैं अपने ...