Raw एजेंसी हेड ऑफिस के गेट पर तीन लोग ड्यूटी दे रहे है , जिस में एक पुराना गार्ड ...
पीएमओ ऑफिसअंदर ऑफिस में तीन आदमी बैठे है जिस में खुद पीएम साहब और रक्षा मंत्री और खबर लेकर ...
उधर विजय जुनेदा के साथ मस्ती कर रहा था , पास में कई बीयर की बोतल और अन्य खाने ...
शाम का समय होता है अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों अपनी ड्यूटी खत्म करके अपने रूम में कपड़े ...
सुबह का समय था अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों इंतजार कर रहे थे ,तभी अन्दर एक महिला आती ...
अब्बू कासिम ___ देहली से कोई खबर नहीं आई अभी तक ,तुम तो बोल रहे थे की हमारे एजेंट ...
प्यार का पहला संकेतअजय सिंह और विजय डोभाल दोनों अपने रुम से चल कर नूर जहां के रूम में ...
राजा और रैंचो---अध्याय 1 – एक अनोखी मुलाकातमुंबई की हलचल भरी सड़कों पर, एक ऐसा इंसान रहता था जो ...
नूर ए जन्नत फॉर्म हाउस कराची नूर जहां ___ हा तो आपके घर में कोन कोन है ,आपके अब्बू ...
जगह ___ pokजाली दस्तावेज बना कर अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों pok पहुंच गए , नकली नाम नकली ...
शीर्षक: तारक मेहता का रहस्यमय सफरगोकुलधाम सोसाइटी में उस सुबह कुछ अलग ही बेचैनी थी। आसमान में घने बादल ...
सारा दिन आराम करने के बाद शाम होते ही अजय सिंह अपने दोस्त विजय डोभाल से मिलने के लिए ...
तोमर हाउससुबह के समयसुबह का समय है , अजय सिंह अपने घर ले बाहर गाड़ी लगा कर घर के ...
अध्याय 1: मैकियावेली और एक ठंडी चायस्थान: दिल्ली यूनिवर्सिटी, नॉर्थ कैंपससमय: सुबह के 10:00 बजे (दिसंबर की धुंध भरी ...
थाने के अन्दर लड़की और उसके मां बाप दोनों बैठे है ,पास में ही अजय सिंह तोमर बैठा है ...
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है ...
आशा की मौत ने पूरे शहर की हवा बदल दी थी।सुबह का सूरज भी जैसे काला दिख रहा था ...
सविता के शब्द अब भी हवेली की दीवारों में अटके हुए थे —“देवयानी वहीं अब भी साँस ले रही ...
Chapter 5 — “तहख़ाने का दरवाज़ा”सविता की आवाज़ जैसे दीवारों में अटक गई थी।अर्जुन मेहरा कुछ सेकंड तक कुछ ...
थाने के रिकॉर्ड रूम में सिर्फ़ दीमक की खटखटाहट थी और अर्जुन मेहरा की साँसों की आवाज़।उसने पुरानी अलमारी ...
सुबह की धूप कपूर हवेली की दीवारों तक नहीं पहुँच पाई थी। आसमान अब भी बादलों से ढका था, ...
अध्याय 2 – रात का सन्नाटा और पहली मौतरात आधी बीत चुकी थी। हवेली के ऊपर काले बादल इस ...
धनी और प्रभावशाली परिवार के मुखिया, रघुनाथ देशमुख, की अचानक मृत्यु हो जाती है। परिवार के सभी सदस्य उनके ...
मिल्की यदा कदा कोई न कोई बहाना बनाकर एव उचित अवसर निकाल ही लेता सर्वप्रिया से मिलने का और ...
अध्याय 4 – छुपे हुए चेहरेआरव पूरी रात सो नहीं पाया। उसका दिमाग बार-बार उसी कांच के टुकड़े और ...
---अध्याय 3 – पहला सुरागसुबह का मौसम ताज़गी भरा था, लेकिन आरव के चेहरे पर थकान साफ़ दिख रही ...
ठीक है। मैं आपके लिए "नागमणि भाग 11" विस्तार से (लगभग 2000+ शब्द) लिख देता हूँ, बिना “"” आदि ...
---अध्याय 2 – पत्रकार की जिज्ञासासुबह का सूरज निकल चुका था, लेकिन आरव की आँखों में अब भी पिछली ...
---अध्याय 1 – अजीब रातरात का सन्नाटा कुछ अलग ही था। शहर की गलियों में हल्की धुंध तैर रही ...
प्रस्तावना - अब तक आपने पढा कि समर और अजय ने राधिका को कैसे आग में जला दिया था ...