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अन्तर्निहित - 30

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 291

[30]‘शैल को गए इतना समय हो गया। अभी तक नहीं लौटा। क्या कभी नहीं लौटेगा?’‘संभव है सारा, सब कुछ ...

अन्तर्निहित - 29

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 450

29]“आप?” दोनों ने एक साथ पूछा।“हाँ, मैं। इतने दिनों के समय में आप के पास कोई ठोस प्रमाण नहीं ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 9

by Tamiz
  • 540

अध्याय 47, XLVII1 और अब हे मेरे बालको, अपने अपने मन में विचार करो, और अपने पिता के वचनोंको ...

अन्तर्निहित - 28

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 579

[28]“तो अब आप पदयात्रा पर जाना चाहते हो श्रीमान शैल?” अधिकारी ने व्यंग रचा। शैल ने उस व्यंग को ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 8

by Tamiz
  • 552

अध्याय 40, XL1 और अब, हे मेरे बच्चों, मैं सब कुछ जानता हूं, क्योंकि यह प्रभु के मुख से ...

किराए की कोख - 1

by A
  • 2.1k

भाग: 1 — बाज़ार में ममताशहर की चकाचौंध से दूर, जहाँ ऊँची इमारतों का साया भी गरीबों की झुग्गियों ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 7

by Tamiz
  • 771

अध्याय 32, XXXII1 मैंने उस से कहा, तू तो पृय्वी है, और जिस पृय्वी में मैंने तुझे पहुंचाया उसी ...

अन्तर्निहित - 27

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 582

[27]“घटना स्थल पर भी कुछ नहीं मिला, शैल?”“मिलता भी कैसे?”“क्यों?”“वह स्थल घटना स्थल है ही नहीं।”“क्या कह रहे हो? ...

अन्तर्निहित - 26

by Vrajesh Shashikant Dave
  • (4.9/5)
  • 720

[26]“दो दिन से हमने कुछ भी नहीं किया है। इस प्रकार बैठे रहने से तो कार्य आगे बढ़ेगा ही ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 6

by Tamiz
  • (5/5)
  • 906

अध्याय 29, XXIX1 और सभी स्वर्गीय सैनिकों के लिए मैंने आग की छवि और सार की कल्पना की, और ...

अन्तर्निहित - 25

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1.1k

[25]शैल के फोन की घंटी बजी, “महाशय, यहाँ वत्सर के मंदिर से सारे पत्रकारों को तो वत्सर ने भगा ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 5

by Tamiz
  • 972

अध्याय 22, XXII1 दसवें स्वर्ग पर, {जिसे अरावोथ (Aravoth) कहा जाता है}, मैंने भगवान के मुख का रूप देखा, ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 4

by Tamiz
  • 888

अध्याय 16, XVI1 उन पुरूषों ने मुझे दूसरा मार्ग, अर्थात चंद्रमा का मार्ग, बारह बड़े द्वार दिखाए, जो पश्चिम ...

Between Feelings - 3

by pink lotus
  • 870

Seen.. (1)Yoru ka kamra.. सोया हुआ है। उसका चेहरा स्थिर है, लेकिन उसके होंठ धीमे से हिलते हैं, जैसे ...

अन्तर्निहित - 24

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 786

[24]“डीएनए परीक्षण आरंभ हो चुका है। आठ दिनों में रिपोर्ट या जाएगा।”“तब तक क्या करने का सोचा है, शैल ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 3

by Tamiz
  • 1.2k

अध्याय 11, XI1 उन पुरूषों ने मुझे पकड़ लिया, और चौथे स्वर्ग पर ले गए, और मुझे सब क्रमिक ...

अन्तर्निहित - 23

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 780

[23]“शैल जी, मृतदेह के विषय में कुछ ज्ञात हुआ क्या?”“क्या ज्ञात करना चाहती हो?”“यही कि वह व्यक्ति कौन थी? ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 2

by Tamiz
  • 1.3k

अध्याय 3, III1 जब हनोक ने अपके पुत्रोंको यह समाचार दिया, तब स्वर्गदूतों ने उसे अपके पंखोंपर उठा लिया, ...

The Book of the Secrets of Enoch.... - 1

by Tamiz
  • 2.4k

1 एक बुद्धिमान मनुष्य था, बड़े काम करने वाला मनुष्य था, और प्रभु ने उसके प्रति प्रेम की कल्पना ...

Between Feelings - 2

by pink lotus
  • (5/5)
  • 1.1k

​(Market Scene का आगे का भाग)​Sayuri: "मुझे... मुझे इस Kyoto में काम खोजने के लिए किराए पर एक कमरा ...

अन्तर्निहित - 22

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1k

[22]“क्या हुआ सारा जी?”“ऐसा कभी मत करना। यदि यह मंजूषा बंद कर दी गई तो ..।” सारा आगे बोल ...

अन्तर्निहित - 21

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1.1k

[21]येला की कार्यशाला में भोजन के उपरांत सारा तथा शैल चिंतन करने लगे कि अब इस मंजूषा में आगे ...

Between Feelings - 1

by pink lotus
  • (4.8/5)
  • 1.9k

Author note :hiiiii dosto यह एक नोवल जैसे ही लिखी गई मेरे खुद के द्वारा बनाई गयी anime story ...

खास बुलावा

by Vijay Erry
  • 1.3k

खास बुलावाविजय शर्मा एरीउस शाम दिल्ली की सड़कें बारिश से धुली हुई थीं। नवीन ने अपनी पुरानी स्कूटर को ...

अन्तर्निहित - 20

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1.1k

[20]“तो वत्सर, आगे क्या हुआ? बताओ।” सारा ने पूछा।वत्सर ने गहन सांस ली। अभी भी उसकी दृष्टि व्योम में ...

अन्तर्निहित - 19

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1k

[19]संध्या हो गई। शैल, सारा, वत्सर और येला एक कक्ष में जमा हो गए। शैल ने सारा का स्वागत ...

मां की अपनी बेटी के प्रति जागरूकता।

by Chhaya Seladiya
  • (5/5)
  • 1.1k

मंगू को पागल अस्पताल के डॉक्टर के पास रखने की सलाह लोग अमरतकाकी को देते, तो उनकी आंखों में ...

अन्तर्निहित - 18

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1.4k

[18]दूसरे दिन प्रभात होने पर सारा तथा बाकी के तीन लोग आगे की यात्रा की सज्जता करने लगे। यात्रा ...

अन्तर्निहित - 17

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1.1k

[17]वकार के घर रात्री के समय भोजन के उपरांत सारा, निहारिका, सपन तथा वकार बैठे थे।“वकार, कुछ व्यवस्था है ...

अन्तर्निहित - 16

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 1.3k

[16]“मैं बताती हूँ। उस प्रदर्शनी में मैंने अपना कोई शिल्प नहीं रखा था। किन्तु वहाँ मुझे सब के सम्मुख ...