प्रियांशी अचानक तेजी से आगे बढ़ी। इससे पहले कि वह आदमी कुछ समझ पाता, उसने पूरे जोर से अपने ...
मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं ...
हम लोग अनुवाई जी के साथ चल दिए। जहाँ खाना बँट रहा था, उस स्थान पर पहुँचे तो देखा ...
मैंने कहा—“चलो ठीक है… सफर का आनंद लेते हैं।लो, तुम लोग भी मूंगफली खाओ…”इतना कहकर मैंने मूंगफली का लिफाफा ...
प्रियांशी की नींद अचानक टूटी, वह हड़बड़ाकर जागी और घबराते हुए बोली, "अरे... क्या हुआ?"अंकिता ने चुटकी लेते हुए ...
मैं रात भर इन्हीं बातों को सोचता रहा… और सोचते-सोचते कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला। (अगले ...
यात्री ने लंबी सांस खींचते हुए कहा,“देखो बेटी! यह नन्ही-सी बच्ची नशीले पदार्थ बेच तो रही है, लेकिन सिर्फ ...
मैंने पूछा— “कोई बात नहीं सर… लेकिन सुनवाई शुरू होने में कितना समय लग सकता है?” अधिकारी ने शांत ...
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "अरे प्रियांशी, कुछ हुआ तो नहीं मुझे ?"प्रियांशी बोली, "हाँ, इतना कुछ हो गया और ...
पापा बोले—“नहीं बेटा, कोई नहीं आया होगा… लगता है खिड़की खुली रह गई थी, उसी वजह से सामान बिखर ...