Kabir अकेला लिविंग हॉल में बैठा था। उसकी आंखों में थकान और मन में बेचैनी थी। बाहर अंधेरा और ...
Kabir का घर – आलीशान लेकिन शांत, सुरक्षा के लिहाज़ से पूरी तरह व्यवस्थित। Kabir ने गाड़ी घर के ...
(रात। कमरा शांत है। टेबल पर ग्रंथ खुला है, पास ही कौशिक का चश्मा।)(सुनीति खिड़की के पास खड़ी है। ...
वहीं हवेली जो हमेशा कब्र जैसी खामोश रहती थी—आज चीख़ रही थी। नौकरों की लाइन लगी है ।आँगन में ...
Doctor cabin. Shreya chair पर बैठी है, आँखें बंद, हल्का दर्द अभी भी बना है। Kabir और Karan दोनों ...
सुबह से ही शानवी का मन भारी था। रात वाले सपने ने उसे अंदर तक हिला दिया था। फिर ...
मंडप, सजावट वही – लाल-सुनहरे फूल, सुनहरी रस्में, शहनाई की हल्की धुन।Shristi की आँखों में आशा की झलक आई ...
(सुबह का समय। घर में सन्नाटा। कौशिक ऑफिस के लिए निकल चुका है—चश्मा लगाए हुए।)(सुनीति दरवाज़े के पास खड़ी ...
गाँव की सीमा। चारों रात भर चलते रहे। पैरों में छाले थे। साँस टूटी हुई थी। सूरज उग चुका ...
अगली सुबह, हल्की धूप परदे से अंदर आ रही है।कमरा बिल्कुल शांत है।Shreya धीरे-धीरे आँखें खोलती है… सिर भारी ...