ऑफिस — सुबह का समय…पुलिस पूरी बिल्डिंग में फैल चुकी है…कृषांत हाथ में पेनड्राइव लिए खड़ा है…उसमें CCTV फुटेज ...
गंगा किनारे तूफानी हवाएँ चल रही थीं…आसमान पूरी तरह काला पड़ चुका था। तीनों वैंपायर सामने खड़े थे खतरनाक… ...
रिद्धि की धड़कनें अभी संभली भी नहीं थीं कि…अचानक विशाल ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा…विशाल बोला -हाहाहा… रिद्धि! तुम्हारा चेहरा ...
कमरा — हल्की-सी अंधेरी रोशनी…श्राव्या बेहोश कृषांत की बाँहों में…और सामने हवा में तैरती प्रिशा…कृषांत धीरे से श्राव्या को ...
दिन बीतते गए…और कृष्णा ने अब अपनी पूजा-पाठ और बढ़ा दी थी। सुबह मंदिर…घर में मंत्र…रात को रामायण का ...
अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब ...
रात — वही कमरा। हल्की रोशनी… बाहर धीमी हवा…श्राव्या अब थोड़ा संभल चुकी है… कृषांत उसके सामने खड़ा है… ...
मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर ...
दिन बीतते गए…लेकिन हर दिन के साथ सिद्धिका कमजोर होती जा रही थी।अब वो पहले जैसी नहीं रही…जिसमें कभी ...
ऑटो उनके सामने आकर रुका…ड्राइवर ने अजीब नज़रों से दोनों को देखा —Driver बोला -क्या हुआ मैडम? ऐसे क्यों ...