कैमरे के शटर की हल्की सी 'क्लिक' आवाज ने उस दोपहर के सन्नाटे को एक मीठे सुकून से भर ...
'धांय!'गोली की गूंज वेयरहाउस की हर लोहे की चादर से टकराकर एक भयानक सन्नाटे में बदल गई। बारूद की ...
काले, बदबूदार बोरे के भीतर सांस लेना किसी जलते हुए तवे पर फेफड़े रखने जैसा था। गाड़ी के झटकों ...
ऑटो रिक्शा बांद्रा की संकरी, गीली गलियों में हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ रहा था। बाहर की धुंधली पीली ...
लाइब्रेरी के भारी शीशम के दरवाजों पर लोहे की सांकल गिरने की गूंज सन्नाटे में दूर तक तैर गई। ...
लाइब्रेरी के सबसे अंधेरे कोने में हवा जैसे बर्फ बन चुकी थी। आर्काइव सेक्शन की ऊंची, महोगनी की पुरानी ...
दोपहर ढल चुकी थी, लेकिन सेंट जेवियर्स कॉलेज के गलियारों में तनाव की एक खामोश परत तैर रही थी। ...
मुंबई शहर की सुबह की हवा में एक अजीब सी रवानी होती है. समंदर की नमी जब पुरानी इमारतों ...
कल्पना कीजिए एक ऐसी स्टोरी जिसमें आदित्य और सिया की रोमांटिक पल हैं| और थ्रिलर काले साम्राज्य की, जिसकी ...