Satish Sardana Kumar की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

कुर्सी मेज

by Satish Sardana Kumar
  • (4/5)
  • 8.8k

लड़कियों को पता नहीं ज़िंदगी से क्या चाहिए होता हैपूरी आयु असंतुष्ट रहती हैंऔर मजे में रहती हैंअसंतोष को ...

हरम सुलतान

by Satish Sardana Kumar
  • (4/5)
  • 15.5k

जहाँ पर आज वर्तमान देश तुर्की है वहाँ कभी ओटोमन साम्राज्य हुआ करता था।ओटोमन तुर्क राजाओं में सबसे प्रसिद्ध ...

मकान नम्बर एक सौ पैंतालीस

by Satish Sardana Kumar
  • (3.1/5)
  • 10k

मकान नम्बर एक सौ पैंतालीसकहानीलेखक:सतीश सरदानासुदीप का 1992 मॉडल बजाज चेतक स्कूटर एक किक में स्टार्ट हो गया।कभी-कभी तीन ...

एक दिया मुंडेर पर

by Satish Sardana Kumar
  • (4.5/5)
  • 12.8k

सिरसा!जाने कैसा शहर है यह?फतेहाबाद से पीलीबंगा बुआ के घर जाते समय यह शहर रास्ते में पड़ता था।बचपन से ...

अभागी

by Satish Sardana Kumar
  • (3.4/5)
  • 8.9k

अभागी"देखो सर!हमारी बात हो गई थी।आपने मुझसे प्यार नहीं करना है!"इतनी सी बात कहते हुए वह परेशान सी हो ...

रतिया

by Satish Sardana Kumar
  • (4.3/5)
  • 10k

रतियाकहानीसतीश सरदानापचास साल बाद कोई शहर में आये और उस शहर को वैसे का वैसा ही पाए तो ...

जबसे इस घर में आई है सावी

by Satish Sardana Kumar
  • (5/5)
  • 7.1k

जब से इस घर में आई है सावी,एक दिन सुख का साँस नहीं लिया।रतिया की नाली के किनारे का ...

उत्तम पुरूष

by Satish Sardana Kumar
  • (4/5)
  • 10.9k

उत्तम पुरूष एक:बहुत देर से मैं यहां खड़ा हूँ।बस स्टैंड से रेलवे रोड को जोड़ने वाली एक संकरी सी ...

मां बाप का देना क्या बच्चे दे पाते हैं

by Satish Sardana Kumar
  • (5/5)
  • 7.1k

भाग-भाग कर बस स्टैंड पहुँच गया हूँ।रात को बारिश हुई थी।जल-थल हो रहा है।सत्तर से उपर की उम्र है।गलियों ...

बहू आई है तो

by Satish Sardana Kumar
  • (4.7/5)
  • 9.2k

वह आज की आखिरी क्लास खत्म करके धीरे धीरे चला आ रहा था।कितना खराब गुजरा था आज का दिन।शुक्र ...