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गुज़ार लूँ कुछ पल

by SARWAT FATMI
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कुछ पल युही गुज़ार लूंतेरे संगफिर पता नहीं तुम रहो या ना रहोजिंदगी से बहुत कुछ सीखा हैँ मैंनेपता ...

तुम्हारा एहसास

by SARWAT FATMI
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तुझे पाकर मुझे सुकून सा मिला तेरे से बात करके अपना पन सा लगा तुम कुछ भी नहीं फिर ...

मशरूफियत

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मशरूफियतमशरूफियत इस कदर होगयी हैँजैसे कभी मैं वो थी ही नहींअपनों के बिच रह करखुद को तन्हा पायाअकेलेपन को ...

सजावटी मुस्कुराहट

by SARWAT FATMI
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सजावटी मुस्कुराहटलोग कहते हैं मैं एक अच्छी अदाकारा हूं रुख पर मुस्कान रख दुनिया को बदलने की चाहत में ...

सुकून

by SARWAT FATMI
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सुकूनकभी तेरे लिए मैं,और मेरे लिए तुम एक अजनबी थेपर अब मेरी जिंदगी बन गए हो मेरे दिल के ...

मेरी खट्टी मिट्टी यादे

by SARWAT FATMI
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मेरी खट्टी मिट्टी यादे कुछ पल यु गुज़र जाते हैँ जिसे हम जीना चाहते हैं ...

भूले नहीं भूली जाती

by SARWAT FATMI
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आंखे नम हैँज़ुबान लड़खड़ा रही हैँशायद कुछ कहना हैँ ,पर जज़्बातों ने रोक लिया ,क्यों ??? पता नहींजिंदगी युही ...

फर्क पड़ता हैं

by SARWAT FATMI
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फर्क पड़ता हैं मुझेमुझे तेरी ख़ामोशी से फर्क पड़ता हैं ये बात कैसे बताऊं तुम्हेतेरी छोटी छोटी हरकतो से ...

एक औरत की कहानी सर्वत की ज़ुबानी

by SARWAT FATMI
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एक औरत की कहानी सर्वत की ज़ुबानीहम औरत भी ना बहुत हीं ख़ामोशी से अपने काम कर जाते हैं,चाहे ...

मेरी भूल का एहसास

by SARWAT FATMI
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एहसास तेरा एहसास हर पल हैं पर क्यू इस एहसास में भी तूम नहीं हो साथ थे तो दूर ...