Renu Chaurasiya की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

वरदान - 5

by Renu Chaurasiya
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बड़ी रानी का दिखावा इतना सधा हुआ था कि छोटी रानी पूरी तरह उसके प्रभाव में आ गई। जब ...

वरदान - 4

by Renu Chaurasiya
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राजमहल का प्रसव कक्ष उस समय दीपों की रौशनी और मंगल ध्वनियों से जगमगा रहा था। चारों ओर रेशमी ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 8

by Renu Chaurasiya
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अगले दिन शाम कोपुराने स्पोर्ट्स ग्राउंड की बाउंड्री वॉल के पासआर्यन के दोस्त जमा थे—रघु, अमन और तीन–चार और ...

वरदान - 3

by Renu Chaurasiya
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भिखारी का रूप अचानक बदल गया।उसका जर्जर और घावों से भरा शरीर अब तेजोमय हो उठा। उसके अंगों से ...

दर्द से जीत तक - भाग 8

by Renu Chaurasiya
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कुछ महीने बाद...वही रोशनी, वही खुशी,लेकिन इस बार मंच नहीं — मंडप सजा था।सामने बैठी थी एंजल —सालों बाद, ...

वरदान - 2

by Renu Chaurasiya
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दिन ढल रहा था और महल की ओर जाने वाले मार्ग पर हल्की धूप बिखरी हुई थी। तभी समाचार ...

वरदान - 1

by Renu Chaurasiya
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एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ ...

वरदान

by Renu Chaurasiya
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बहुत समय पहले एक राजा हुआ करते थे। राजा अत्यंत धर्मपरायण और न्यायप्रिय थे। उनके राज्य में प्रजा सुखी ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 7

by Renu Chaurasiya
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वो चुंबन जिसे कार्तिक झेलने को मजबूर थाकुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें हम चुनते नहीं…कुछ रास्ते ऐसे होते ...

दर्द से जीत तक - भाग 7

by Renu Chaurasiya
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वो सर्दियों की ठंडी शाम थी जब गांव की गलियों में हल्की धुंध तैर रही थी।और वहीं से शुरू ...