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सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ६०

by RACHNA ROY
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विक्की ने सबको अपडेट कर दिया कि टिकट इस महिने की 28 जुलाई को हुई है।सबको हवेली से ही ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५९

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इस तरह से दो महीने गुजर गए आज माया दी जा रही थी।विक्की रोने लगा तो माया ने कहा ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५८

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पंडित जी ने सब कुछ समझाते हुए अपने पुर्वजों के नाम पर आहुति देते हुए हवन को करते गए।कई ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५७

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खाने पीने का सारा अरेंजमेंट अनिक देख रहा था।टेरेस पर सारा इंतजाम किया गया था।सारे रिश्तेदारो को अतूल और ...

शादी एक अभिशाप क्यों? - 3 - (अंतिम भाग)

by RACHNA ROY
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कभी सासू मां के पेन्सन के पैसे हर महीने आ जाते हैं वो सब कुछ अपना करती है और ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५६

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सुबह सुबह सब जल्दी उठ कर तैयार हो गए थे।नताशा भी आज जल्दी आकर न्यारा को तैयार कर दी ...

शादी एक अभिशाप क्यों? - 2

by RACHNA ROY
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जब ससुराल जाती है जो भी उसे समझाया जाता है वैसे ही करती जाती है।वो यहां अपने लिए कुछ ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५५

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विक्रम सिंह शेखावत अपनी गाड़ी लेकर निकल गया।पता नहीं क्या होगा? मैं बार -बार अभी तक नैना को ढुंढ ...

शादी एक अभिशाप क्यों? - 1

by RACHNA ROY
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नौजवान युवा पीढ़ी जो है उनको समझना नामुमकिन है क्योंकि यह जो पीढ़ी है ना उनको अपने से बड़ी ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५४

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कुछ देर बाद विक्की आ गया और फिर सबसे मिलकर अभिवादन किया।अरे बेटा कैसा है तू। संजना के जाने ...