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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 14

by RAAHULL SHARMA

हवेली में अब एक अजीब सी शांति थी, लेकिन यह शांति कल रात जैसी डरावनी नहीं थी, बल्कि एक ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 13

by RAAHULL SHARMA
  • 324

अपने पिता से सारे रिश्ते तोड़कर , उन्हें अकेला छोड़कर विदेश चला गया था?जिसने मुड़कर कभी सुजॉय का हाल ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 15

by RAAHULL SHARMA
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लंदन के इस भव्य 'देवपुर मेंशन' में जहाँ एक तरफ करण सिंह की अय्याशियाँ और पार्टियाँ चरम पर थीं, ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 13

by RAAHULL SHARMA
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हवेली में अब एक अजीब सी शांति थी, लेकिन यह शांति कल रात जैसी डरावनी नहीं थी, बल्कि एक ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 14

by RAAHULL SHARMA
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उसे अब अपने अस्तित्व की परवाह नहीं थी; उसे बस उस मुक्ति को रोकना था जो उसके प्रतिशोध को ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 13

by RAAHULL SHARMA
  • 966

सोहन के हाथ आर्यमन के कंधे से ढीले पड़ गए। नीलम भाभी के चेहरे पर अब एक विजयी मुस्कान ...

कालू की पहाड़ी - 18

by RAAHULL SHARMA
  • (4.9/5)
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त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 14

by RAAHULL SHARMA
  • 1.4k

कहते हैं, समय का चक्र बहुत तेज़ी से घूमता है। वह किसी राजा के लिए नहीं रुकता, किसी रंक ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 1.2k

मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 1.1k

आदित्य की खुशी का ठिकाना नहीं था। बरसों पुराना यार, जिसने जवानी के दिनों में कंधे से कंधा मिलाकर ...