prem chand hembram की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

क्या दीक्षा आवश्यक है ?

by prem chand hembram
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जयगुरु क्या दीक्षा आवश्यक है? — शास्त्र, संत और मानवता की दृष्टि से एक विचारभारतीय सनातन आध्यात्मिक परंपरा में ...

सब ताले की एक चाबी

by prem chand hembram
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जयगुरु,सब ताले की एक चाबीभूमिकासंसार में असंख्य समस्याएँ हैं—गरीबी, हिंसा, भ्रष्टाचार, पारिवारिक विघटन, तनाव, अनिद्रा, अकेलापन, नशा, असंतोष, युद्ध ...

AI का विकल्प

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AI का विकल्प : क्या प्राचीन भारत में चेतना-आधारित बुद्धिमत्ता की कोई परंपरा थी?मानव सभ्यता आज एक ऐसे युग ...

धर्मराज की सभा - 2

by prem chand hembram
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धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभा (आगे)चित्रगुप्त की वाणी समाप्त होते ही समूची देवसभा मौन हो ...

धर्मराज की सभा - 1

by prem chand hembram
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धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभापृथ्वी पर पाप, भ्रष्टाचार, छल, कपट और अन्याय का ऐसा अंधकार ...

टूटता हुआ मन - भाग 3

by prem chand hembram
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उस दिन विद्यालय का सभागार खचाखच भरा था। शांतनु मंच पर खड़ा था। उसकी आवाज़ में न कृत्रिमता थी, ...

टूटता हुआ मन - भाग 2

by prem chand hembram
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रमेश अपनी पत्नी फरजाना की बेवफाई से भीतर ही भीतर टूट चुका था। कभी हँसी, विश्वास और अपनत्व से ...

खोटा सिक्का - 3

by prem chand hembram
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खोटा सिक्का – भाग 03संध्या का समय था। गौशाला में गायों को चारा दिया जा चुका था। पश्चिम दिशा ...

समस्या नहीं , समाधान की चर्चा

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समस्या नहीं, समाधान की चर्चाजड़ों को सींचने की आवश्यकतासमाज की अनेक समस्याओं पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है—नारी ...

शिक्षा नहीं , मनुष्य निर्माण

by prem chand hembram
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शिक्षा नहीं, मनुष्य निर्माणविज्ञान, विद्या और चेतना का समन्वयआज मानव सभ्यता अपने इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी ...