प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से ...
“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी ...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक ...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं ...
कल्पना कीजिए एक ऐसी स्टोरी जिसमें आदित्य और सिया की रोमांटिक पल हैं| और थ्रिलर काले साम्राज्य की, जिसकी ...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई ...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी ...
कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं। न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार। बस एक दिन ...
आज जब मैं खुद को आईने में देखती हूँ, तो कुछ अलग-सा महसूस होता है। आईने में चेहरा तो ...
एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही ...
लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के ...
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 ...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की तीन लघुकथाएँ (1) लाइक एंड कॉमेंट्सरात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे रामलाल जी का ...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो ...
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके ...
"अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में ...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में ...
फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी ...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग ...