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प्रेरणास्पंदन.

by Bhupendra Kuldeep
  • 29.5k

प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ...

ध्रुव की तारा

by Anamika
  • 63.9k

सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से ...

Muhabbat Ek Sabaq

by Afariya Faruqui
  • 84.7k

“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी ...

नामुमकिन इश्क

by kajal jha
  • (4.3/5)
  • 143.7k

यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक ...

तुम हो तो सब कुछ है

by Ankit Khatri
  • 24.3k

एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं ...

धड़कने दिल की.

by Shravan Gore
  • 15.1k

कल्पना कीजिए एक ऐसी स्टोरी जिसमें आदित्य और सिया की रोमांटिक पल हैं| और थ्रिलर काले साम्राज्य की, जिसकी ...

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान।

by kajal jha
  • 223k

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई ...

Her Silent Secret

by Sonam Brijwasi
  • 98.8k

विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी ...

तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई

by Khwaab
  • 34.2k

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं। न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार। बस एक दिन ...

आईने में बदलता जीवन

by Chandni choudhary
  • 17.1k

आज जब मैं खुद को आईने में देखती हूँ, तो कुछ अलग-सा महसूस होता है। आईने में चेहरा तो ...

CRAVE.

by Aarika Shadow
  • 12.7k

एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही ...

Money Vs Me

by fiza saifi
  • 86.6k

लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के ...

हुक्म और हसरत

by Diksha mis kahani
  • 176.3k

हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 ...

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ

by Dr. Pradeep Kumar Sharma
  • 68.3k

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की तीन लघुकथाएँ (1) लाइक एंड कॉमेंट्सरात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे रामलाल जी का ...

Mr. Ms. Fake

by kajal jha
  • 119.4k

शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो ...

पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2

by Sonam Brijwasi
  • 91.2k

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके ...

BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya

by insha
  • (5/5)
  • 14k

"अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में ...

अधूरी किताब - सीजन 2

by kajal jha
  • 171.8k

अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में ...

वेद्रान - एक इश्क़, एक श्राप

by Sandhu Sandhu
  • 22.2k

फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी ...

एकतरफा प्यार है ये.

by Ankit Khatri
  • 44.4k

एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग ...