Nisha Choudhary की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

पिता जी - भाग 2

by Nisha Choudhary
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"पिता जी ने अपनी ज़िंदगी की आखिरी जमापूंजी भी दांव पर लगा दी थी, लेकिन क्या रोशनी उनका यह ...

सरहद से इंतजार तक

by Nisha Choudhary
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पहाड़ की बर्फीली चोटियों पर जब तेज़ ठंडी हवाएँ चलतीं, तो ऐसा लगता मानो सुइयाँ जिस्म में चुभ रही ...

रोशनी का सही रुख

by Nisha Choudhary
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अरे बहू! ज़रा चाय तो बनाना, और हाँ, मलाई मत डालना," मालती जी ने अपनी जगह से ही आवाज़ ...

पिता जी - भाग 1

by Nisha Choudhary
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शाम के ढलते ही जब आँगन में पुरानी साइकिल की वही जानी-पहचानी चैन की आवाज़ गूँजती, तो पूरे घर ...

मायके की देहलीज़ - भाग 3

by Nisha Choudhary
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अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने तोड़ दिया। रीना ...

माँ का वह अनकहा खत (भाग 3) (अंतिम विस्तार)

by Nisha Choudhary
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रिया के कांपते हाथों ने जैसे ही उस पीले पड़ चुके कागज को खोला, उसकी आंखों के सामने मां ...

मायके की देहलीज़ - भाग 2

by Nisha Choudhary
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मां रसोई के चौखट पर शांत खड़ी थीं, लेकिन उनकी नम आँखों में बरसों का सारा दर्द छलक आया ...

माँ का वह अनकहा खत (भाग 2)

by Nisha Choudhary
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दिल्ली की भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट जिंदगी में रिया का फोन जब बजा, तो स्क्रीन पर भाई अमित का नाम ...

मायके की देहलीज़ - भाग 1

by Nisha Choudhary
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शादी के तीन साल बाद जब नेहा अपने गांव वाले पुश्तैनी घर पहुंची, तो उसकी सांसों में बचपन की ...

माँ का वह अनकहा खत (भाग 1)

by Nisha Choudhary
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रात के 11 बज चुके थे। दिल्ली के एक छोटे से किराए के फ्लैट में लैपटॉप की नीली रोशनी ...