(पहला ख़त - The first letter)प्रिय शालिनी,एक ही चाँद को निहारते हुए, क्या दो अजनबी लोगों के बीच कोई ...
वो पूर्णिमा की रात थी। चाँद कुछ ज़्यादा ही पास लग रहा था। आसमान भी बिल्कुल साफ़ था—जैसे किसी ...