मुख्य दरवाज़ा खुला था।कॉरिडोर की सफेद लाइट्स झिलमिला रही थीं… और उसी रोशनी में आयुष ने उसे देखा—वो खुद ...
Part 3 — पीछे कौन थाछप… छप… छप…कमरे के अंदर गीले पैरों की आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी। ...
शीर्षक: अंधेर रातPart 2 — दरवाज़े के उस पारकाँच के दरवाज़े पर बनी वह भीगी हथेली कुछ सेकंड तक ...
Part 1 — शुरुआतदिल्ली के बाहरी इलाके में बनी नई हाईराइज़ सोसायटी ब्लैकवुड रेजीडेंसी दिन में जितनी चमकती थी, ...
बेड़ियांरात के 2:37 बज रहे थे।पूरा शहर नींद में डूबा था, लेकिन आरव के कमरे की लाइट अब भी ...