1 जनवरी 2002…सर्दी की वह सुबह…जब पूरा शहर नए साल की उमंग और खुशियों में डूबा था।घर का फोन ...
लेकिन ज़िंदगी उतनी आसान नहीं होती जितनी इंसान सोच लेता है।कभी-कभी तो वो हमारे ख्वाबों का उल्टा ही कर ...
रात का खाना खत्म हुआ तो शालिनी ने अपने 12 साल के बेटे को प्यार से सुला दिया। कमरे ...
उस रात के बाद…उस रात के बाद पहली बार देव को चैन की नींद आई।कान्हा भी बिना किसी दौरे ...
“आपका फॉर्म ठीक से भरा नहीं है, मैम।”“ओह, सॉरी... मैं पहली बार जिम जॉइन कर रही हूँ, थोड़ा घबरा ...
शालिनी, तुमने अपने घर पर हमारे अफेयर के बारे में बात की?"विकास ने धीमी लेकिन बेचैन आवाज़ में पूछा।शालिनी ...
प्लीज़… बस आप एक काम कर दीजिए… कान्हा के कान पर रिसीवर रख दीजिए… आप सुन रहे हैं ना?”महक ...
अगले कुछ दिनों तक महक ने खुद को रोज़मर्रा के कामों में उलझाए रखा।पर जितनी कोशिश करती, उतनी ही ...
14 नवंबर की सुबह थी।घर में रौनक थी... चहल-पहल थी... और एक खास चमक — जैसे सच में लक्ष्मी ...
नियति का मोड़शहनाइयाँ बज रही थीं।मंडप में अग्नि जल रही थी।फूलों की खुशबू और हवन की धूप के बीच, ...