-------------स्टाफ रूम का माहोल अजीब सा हो गया था। चारू हैरत मु आर्दश को देख रहे थी। आर्दश ने ...
---------------रूद्रिका अपने कमरे मे चहल कदमी कर रही थी। उसका चेहरा तमतमाया हुआ था।अचानक वो.झटके से शीशे सामने आकर ...
चारू एक सेमिनार एटेंड करती है। जिसमे वो पांच साल बाद अपने कॉलेज के प्रोफेसर अमर राजपूत को स्टेज ...
---------------रूद्रिका अपने कमरे मे चहल कदमी कर रही थी। उसका चेहरा तमतमाया हुआ था।अचानक वो.झटके से शीशे सामने आकर ...
--------------प्ले खत्म होते ही नव्या और शशांक बैक स्टेज आ गए। उनके आते ही चारू दोनो को गले से ...
----------------रौक्षिण के कदम जैसे ही रुद्रिका की डेस्क के पास आकर रुके, पूरी क्लास की धड़कनें मानो थम गईं। ...
-----------------चारू पर्दे के पीछे से पाले देख रही थी। उसकी भंवे सिकुडी हुई थी। होंठ भींच हुए थे। और ...
---------------अवासा की वादियाँ जितनी हसीन थीं, यहाँ का मौसम उतना ही अप्रत्याशित था। अभी थोड़ी देर पहले खिली धूप ...
----------------चारू भोचक्की सी खडी थी। उसके सामने अमर खडा था जो इस समय गुस्से से लाल हो गया था।अमर ...
----------------- दिल्ली से छः सौ किलोमिटर दूर हिमाचल प्रदेश की गोद बसा एक टाउन अवासा इस समय शांत था। ...