रात के ठीक 2:17 बजे थे। शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का मुर्दाघर फिर से उसी ठंडी खामोशी में ...
“राजू… उठ जा बेटा… चल, काम पर नहीं जाना है क्या?” राजू की माँ उसे रोज़ सुबह जल्दी जगा ...
अजय सिक्योरिटी रूम में बैठा था। मॉर्ग के कैमरे की स्क्रीन अचानक झिलमिलाई। फिर… तस्वीर साफ हुई। बॉक्स नंबर ...
रात के ठीक 2:13 बजे थे। शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का पिछला हिस्सा — जहाँ शायद ही कोई ...
माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब के साथ बाहर ...
एक अधूरा सच… सिया। क्या था सिया का ये अधूरा सच? सिया घर से तो निकली थी, लेकिन क्या ...
ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमारी अक़्ल और समझ से बाहर होती हैं। आप मानें ...
چھ دوست جو گھر سے گھومنے اور انجوائے کرنے کے ارادے سے نکلے تھے، مگر انہیں یہ نہیں پتا ...
یہ لسی رات آئی تھی اُن دوستوں کی زندگی میں… شاید کالی رات اسی کو کہتے ہیں۔ وہ دوست ...
नीहा को शहर में नई नौकरी मिल गई थी। कंपनी ने उसे एक सुंदर-सा फ्लैट भी दे दिया था। ...