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असली आज़ादी वाली आज़ादी (भाग-८)

by devendra kushwaha
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भाग 7 से आगे- चौहान साहब चीख रहे थे और ऐसा चीख रहे थे जैसे आसमान को ही हिला ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी - (भाग-7)

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भाग -6 से आगे- मैंने शैलेन्द्र की उत्सुकता को देखते हुए ये तो समझ ही लिया कि शैलेन्द्र बिना ...

असली आज़ादी वाली आजादी - (भाग-6)

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भाग -5 से आगे अगली सुबह मैं थोड़ी जल्दी घर से निकला। रात भर सो तो नही पाया था ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी - (भाग-5)

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भाग-4 से आगे- सभी गांव वाले चौहान साहब के घर पहुंचे और सभी ने चौहान साहब को बाहर बुलाया। ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी (भाग-4)

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भाग 3 से आगे- मनोरमा ने सभी के सामने चौहान साहब को चुनौती तो दे डाली पर उसके आगे ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी (भाग-3)

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भाग-2 से आगे की कहानी- (इस भाग में लिखी बातें किसी धर्म या समुदाय विशेष को ऊंचा या नीचा ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी - (भाग-2)

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पिछले भाग से आगे--- युद्ध खत्म होते ही दोनों परिवार अपने अपने बच्चों का घर पर इंतजार करने लगें। ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी

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देश को आज़ाद कराना आसान नही था बहुत त्याग और संघर्ष के बाद इस देश को आज़ादी नसीब हुई। ...

ऑरकुट

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वर्ष 2004 से पहले सोशल मीडिया का नामोनिशान तक नहीं था। किसी ने सोंचा भी नही होगा कि कुछ ...

मैं अपने भाई को क्यूँ मरना चाहता था..

by devendra kushwaha
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मैं पिछली सदी में उस साल में पैदा हुआ जब परिवार नियोजन बहुत प्रचिलित नही था और हम दो ...