[27]“घटना स्थल पर भी कुछ नहीं मिला, शैल?”“मिलता भी कैसे?”“क्यों?”“वह स्थल घटना स्थल है ही नहीं।”“क्या कह रहे हो? ...
[26]“दो दिन से हमने कुछ भी नहीं किया है। इस प्रकार बैठे रहने से तो कार्य आगे बढ़ेगा ही ...
[25]शैल के फोन की घंटी बजी, “महाशय, यहाँ वत्सर के मंदिर से सारे पत्रकारों को तो वत्सर ने भगा ...
[24]“डीएनए परीक्षण आरंभ हो चुका है। आठ दिनों में रिपोर्ट या जाएगा।”“तब तक क्या करने का सोचा है, शैल ...
[23]“शैल जी, मृतदेह के विषय में कुछ ज्ञात हुआ क्या?”“क्या ज्ञात करना चाहती हो?”“यही कि वह व्यक्ति कौन थी? ...
[22]“क्या हुआ सारा जी?”“ऐसा कभी मत करना। यदि यह मंजूषा बंद कर दी गई तो ..।” सारा आगे बोल ...
[21]येला की कार्यशाला में भोजन के उपरांत सारा तथा शैल चिंतन करने लगे कि अब इस मंजूषा में आगे ...
[20]“तो वत्सर, आगे क्या हुआ? बताओ।” सारा ने पूछा।वत्सर ने गहन सांस ली। अभी भी उसकी दृष्टि व्योम में ...
[19]संध्या हो गई। शैल, सारा, वत्सर और येला एक कक्ष में जमा हो गए। शैल ने सारा का स्वागत ...
[18]दूसरे दिन प्रभात होने पर सारा तथा बाकी के तीन लोग आगे की यात्रा की सज्जता करने लगे। यात्रा ...