गुमनाम ढाँचाचार मंजिला आलीशान इमारत, पूरी तरह रोशनी से नहाई हुई थी और रात में ऐसी लग रही थी ...
कुलक्षणीनौबत ने आखरी जूता लोहे की रांपी पर चढ़ाया और तरकीब से फटे हुये हिस्से को सुई से सीने ...
शगुन कुलदीप ने अपना हाथ, शगुन के हाथ पर दवाब बनाते हुये रखा है, कुछ इस तरह मानो कह ...
कहानी- शामियाना"रिश्तों की समझ नही है तुम्हें या रिश्तों की माँग से अनभिज्ञ हो तुम, उठा लेते हो बीच ...
जब तुम किसी की बाहरी सुन्दरता को देखते हो उसका चेहरा तुम्हे अच्छा लगता है उसकी कार्य शैली से ...
बेशर्मथियेटर से बाहर निकलते ही, पूर्णिमा की नजर बाहर खड़े विनोद पर पड़ी, और वह उसे देखती ...
वारिस डरावनी, वीरान और काली रात, जैसे आँखों में काजल लगा कर एकटक घूर रही हो और पछवा के ...
बालकहानी ...
कहानी -परीक्षायें छम..छम..छम..करती बिरजू के रिक्शे की आवाज दूर से सुनाई दे जाती है, जैसे वो कोई रिक्शा न ...
आलिंगनगीतेश के दो ही शौक थे। एक दिन में पेंटिंग बनाना और दूसरा रात को मशहूर कहानीकारों की कहानियां ...