Azoorey की किताबें व् कहानियां मुफ्त पढ़ें

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 5 Scene 4

by Akamist

"अरे संभलकर, कहीं फूलों के मोह में अपने उनको याद करते हुए गिर मत जाना।"फुलों की टोकरियां ले जाते ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 5 Scene 3

by Akamist
  • 879

"मैं अंदर आ जाऊं?" दरवाज़े की तरफ़ से आई हुई आहिस्ता सी मायूस पुकार ने अम्मा साहब का ध्यान ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 5 Scene 2

by Akamist
  • 912

"क्या शेख़ बाबा तक पैग़ाम पहुंचा दिया?" अम्मा साहब ने ऐवान सद्र में बैठे हुए सुरूर से पूछा"जी। वो ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 5 Scene 1

by Akamist
  • 1.4k

गहरे सन्नाटे के गुज़र जाने के बाद आज फिर मीरास महल में हुल्लड़ शुरू हो गई। मंत्रियों का आना ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 7

by Akamist
  • 1.7k

पुराने ज़ख्म ताजा होकर तकलीफ़देह बन जाते है। अम्मा साहब भी इस वक़्त उसी तकलीफ़ में थीं, लेकिन उनके ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 6

by Akamist
  • (0/5)
  • 1.6k

शाम ग़मग़ीन थी। महल में उदासी का सन्नाटा फैला हुआ था। बादलों की गरज की गूंज चारो तरफ़ चक्कर ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 5

by Akamist
  • (5/5)
  • 2k

SCENE 5.आसीगाह के कैदियों के बीच डॉक्टर हम्ज़ा का नया वजूद आ गया। वो किनारे बैठा हुआ शायद अपनी ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 4

by Akamist
  • (0/5)
  • 1.8k

"शेख़ बाबा हम्ज़ा की बहन आरामगाह में लाईं जा चुकीं है।" रुक्मणि ने उनके कमरे के दरवाज़े पर से ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 3

by Akamist
  • (0/5)
  • 2k

SCENE 3."इसमें मेरी बेटी की तज़लील क्यों हुई, उसकी क्या ग़लती थी?" रेड कोर्ट पर बैठे हुए कम रंगत ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 2.

by Akamist
  • (0/5)
  • 1.7k

अम्हेल को आवाज़ देते देते मैथिली उसके कमरे की छत पर पहुंच गई "तुम्हें सर्दियों में क्यूं इस क़दर ...