अध्याय 21 निखिल जोशी का प्रस्तावअचानक आए इन छह लोगों के समूह में से विराज की नजर दूसरे नंबर ...
अध्याय 20 अनचाहे मेहमानों का आगमनसूर्य अस्त हो चुका था, और उसकी अंतिम किरणें भी क्षितिज के पीछे जा ...
अध्याय 19 कंकाल दर्रे का गुप्त इतिहासकुछ देर बाद, दिव्य नीलामी कला केंद्र के एक विशेष अतिथि कक्ष में ...
अध्याय 18 जिंदल परिवार की अंतिम आशाअगले ही पल, विराज कमरे के अंदर आया।उसने कमरे के अंदर एक नज़र ...
अध्याय 17 मीनाक्षी जिंदल का आगमनदो दिन बीत चुके थे।विराज अपने घर के आगे के आंगन में विशाल वृक्ष ...
अध्याय 16 उच्च लड़ाकू योद्धा का उदयदिव्य नीलामी कला केंद्र से निकलने के बाद, विराज सीधे अपने घर में ...
अध्याय 15 जगदीश मित्तल की गणनादिव्य नीलामी कला केंद्र के एक भव्य कमरे के बीच में दो लोग हाथों ...
अध्याय 14 राघव जोशी का अपमानअगले दिन विराज इंदौर शहर की मुख्य बाजार से होकर गुजर रहा था। संकरी ...
अध्याय 13 भविष्य की तैयारीरात के उस सन्नाटे भरे समय में, जब चारों ओर सब कुछ गहरी नींद में ...
अध्याय 12 काल मुख घाटी का संकटदरअसल, विराज की शिकार यात्रा पंद्रह दिन नहीं, बल्कि चौदह दिन में ही ...