"फुप्पो मुझे मार्केट से कुछ चीज़े लानी हैं आप फ्री हों तो चलें"….…उसने आमना बेगम के कमरे में दाखिल ...
उसे पटरी से उतरते देख कर उसने मुस्कुराते हुए उसी के लहजे में जवाब दिया था।"क़सम से बहुत ही ...
"भाई यह मिठाई किस खुशी में " … .? ??आमना बेगम भाई की लाई हुई ढेर सारी मिठाई पर ...
"ठीक है प्रॉमिस नही बताउंगी किसी को भी ,आप बताएं तो बात क्या है"??वह curious सी बोली।"वह नादियाहै ना ...
"अम्मी आप फ्री हैं" ??आज रूटीन के मुताबिक़ शहरयार वॉक करने के बजाए माँ के कमरे आया तो आमना ...
"बड़ी दुल्हन बात सुनो" !!!सुबह के वक़्त सब नाशता में मसरूफ थे कि बेगम शफ़ीक़ ने टेबल का मुआयना ...
वह दोनों तैयार हो कर नीचे आईं तो सब लॉन में बैठे चाय पी रहे थे।"गई नही तुम दोनों ...
कुछ नही हटो साइड में और मुझे जाने दो" !!!वह उसे साइड को धकेलती जाने लगी।"मैंने कहा ना चेंज ...
सोकर उठने के बाद वह नीचे लाउंज में आई तो अनस नाशते की टेबल पर चची से नखरे उठवाने ...
शहरयार नें भी उसे देख लिया था वह गाड़ी वहीं रोक कर बाहर निकल आया शिफ़ा क्या हुआ है ...