मेहर"अवंतिका।" मेहर ने chips रख दिए। "छह साल से जानती हूँ तुझे। तेरा 'हाँ' वाला झूठ मुझे पहचान आता ...
शाम धीरे-धीरे ढल रही थी।पूरा दिन जैसे आँसुओं में भीगकर निकल गया। अब आँखें तो सूख चुकी थीं, लेकिन ...
अवंतिका ने दरवाज़ा पूरा खोल दिया।"अंदर आइए," उसने धीरे से कहा।कमला बाई कुछ पल वहीं खड़ी रही, जैसे अंदर ...
राजवीर सिंघानिया अभी अपनी स्पीच दे ही रहे थे।हॉल तालियों से गूँज रहा था।उधर, भीड़ से थोड़ा दूर खड़े ...
तीनों एकदम वहीं ठिठक गए।वह कोई गाना नहीं था… बस एक धुन थी।कोई शब्द नहीं, फिर भी वह बहुत ...
रात के लगभग साढ़े नौ बज रहे थे।मुंबई की चमचमाती सड़कें रोशनी से जगमगा रही थीं।एक काली Mercedes हाईवे ...
सुबह के सात बज रहे थे।चंदनगढ़ की सुबह दिल्ली जैसी नहीं थी।दिल्ली की सुबह शोर के साथ जागती है, ...
सुबह लगभग छह बजे अलार्म बजा तो अवंतिका ने धीरे-धीरे आँखें खोलीं।रात भर उसे ठीक से नींद नहीं आई ...
Chapter 1दिल्ली। सुबह के सात बजे।अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी।बिस्तर पर चादर में लिपटी ...
कोर्टरूम में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था।सभी की निगाहें जज की तरफ थीं।जज ने अपनी फाइल बंद करते हुए ...