"कुछ आरम्भ करने के लिए आप का महान होना कोई आवश्यक नही.. लेकिन महान होने के लिए आप का कुछ आरम्भ करना अत्यंत आवश्यक है।”

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#LoveYouMummy
प्रिय माँ,
साष्टांग नमन,
पत्र लिखने का कारण के इस नए ज़माने के मोबाइल टेक्नोलॉजी के कारन तुमसे बात तो रोज हो पाती है मगर दिल की जो बात है वो तुम तक अब वैसे नहीं पंहुचा पाता जैसे बचपन में पहुचा पाता था, माँ मुझे याद है जब दूर की स्कूल का मेरा पहला दिन था तो तुम ही थी जिसने रिक्शे वाले को संभल कर ले जाने के लिए कहा था और शायद उस दिन मेरी फ़िक्र से परेशान थी, जो शाम को हमे घर लेन के लिए तुमने पिताजी को काम से जल्दी आ कर भेजा था, मुझे आज भी याद है तुम ही थी जिसे हमारी परीक्षाओं के चिंता थी, तुम हमे पढाई के लिए प्रोत्साहन देती थी, आज भी जब कभी जिंदगी में परीक्षा देने की बात आते है तो तुम्हारी सिखाई बाते याद आने से नहीं रहती. जब पहली रोजी रोटी के चक्कर में घर दूर अकेले निकला था तो तुम ही थी जिसने दही चीन खिला कर और खुद की जमा पूंजी नौछावर कर जीत आने को कहा था. और तुम ही थी जो मेरे नौकरी लगने पर सबसे ज्यादा खुश हुयी थी और आप ने उपवास को शुरू किया था जो तुमने बेटे की कामयाबी के लिए भगवान से क़बूल किया था. माँ बाप के लिए दुनिये के सारे अच्छे शब्द कम ही है,बस अपना ख़याल रखना.

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