Hey, I am reading on Matrubharti!

इतनी थी देर मत करना वापस लौटने में
की,....
चाबिंया बेअसर हो जाए तालों पर...

अगर तुम्हें पा लेते तो किस्सा इसी जन्म में खत्म हो जाता,...
तुम्हें खोया है तो यकीनन कहानी लम्बी चलेगी.

मोह खत्म होते ही खोने का डर भी निकल जाता है, चाहे वो दौलत हो,वस्तु हो, रिश्ता हो या हो "जिंदगी"...

उम्र से कोई लेनादेना नहीं होता,
जहॉ विचार मिलते है वहाँ सच्ची दोस्ती होती हैं.