मेरे ख्यालों में जो तू हो
तो बातें हूँ मैं अच्छी अच्छी करता
देखूं सुबह सुबह जो तुझे
तो सारा दिन अच्छा है गुज़रता
ये कैसी तेरी आरज़ू
ये कैसी तेरी ख्वाहिशें
तुझी से देखो मैं करूँ
तेरी ही फरमाईशें

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सारे ज़ख़्म अब मीठे लागें
कोई मलम भला अब क्या लागे
दर्द ही सोहे, मोहे जो भी होवे
टूटे ना टूटे ना,
सूझे नहीं, बूझे कैसे, जियरा पहेली
मिलना लिखा न लिखा, पढ़ ले हथेली
पढ़ ली हथेली पिया, दर्द सहेली पिया
गम का है गम अब ना हमें
रंग ये लगा को ऐसो, रंगरेज को भी जैसो
रंग देवे अपने रंग में

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शामिल हुआ तू ऐसे
दिल में सबर हो जैसे
फिर बेसबर मैं हो के
कैसे जियूँ
ये जान ले के है
तू जीने का सहारा
मोहब्बत है
इनायत है
तू जहां से प्यारा
तुझी से मैं हूँ

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हाँ ख़ुश हैं अब हम तो
तुझसे कहाँ हम खफा हैं
तूने चुना है वो रास्ते
तेरे लिए जो बना है
एहसान तेरा मैं मानू
तन्हा मुझे जो किया है
जो प्यार तेरा है खोया
लगता है खुद से मिला मैं किसको मिला संग उम्र भर का
यहाँ वोही रुलाये दिल चाहे जिसको सदा

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वक्त भी ठहरा है
कैसे क्यूं यह हुआ
काश तू ऐसे आये
जैसे कोई दुआ
मैं जो मिट भी गया तो
वजूद मेरा
सदा तुझमें रहे जिंदा
तू ही ये मुझको बता दे
सुन रहा है ना तू

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कुछ इस तरह मिलता है जैसे कोई अजनबी
और मेरी इस हालत पे खाता तरस भी नहीं
जाने किस के रंग में खुद को है ढाले हुए
मेरे कितने ही राज़ है
खुद में संभाले हुए
पर इसके राज़ हैं मेरे लिए राज़ ही
कहीं ये तेरे दिल से तो
चुप चुप के मिलता नहीं
नहीं तो मेरे सीने से ये दिल निकलता नहीं

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दिल तु संभल रहा हैं अब क्यों
बेहोशियां खिली हैं
अब तु
बाहों में ये करवटें
बांध ले
जरा ठहर के सुन जो में कहूं
नज़दीकियों में घुल के
अब तू
सांसों की आहटें थाम ले जान ले
पहचान ले जो हुआ हैं
सच हैं या हो रहा कोई गुमां हैं
कैसी हो रही तपिश
ये खलिश ये ख़ुमारी

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धीरे धीरे आके
हवा गुनगुनाके, हर खबर दे तुम्हारी
कैसा येह नशा है, नज़र में घुला है
हर घड़ी है खुवांरी
नशे में कदम मेरे उधर कभी इधर
घूम सुम नज़र, जाए किधर
खो गए तुझमे हम इस कदर
यूं शबनमी,
पहेले नहीं थी चांदनी

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जाम हाथों से छलकने ना दूँगा
राज़ की बातें ना किसी से कहूँगा
अब के तुम आये तो वादा है मेरा
आज मैं तुझको ना जाने ना दूँगा

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धानि सी धानि सी
शरबती पानी सी
धीरे-धीरे से तेरी चाहत चढ़ती है
थोड़ी नादानी सी
थोड़ी शैतानी सी
धीमे-धीमे से तेरी आदत बढती है
तू है तो मेरे रूबरू पर क्या करूँ
यकीं ही नहीं आता
शाम से सुबह करूँ
देखा करूँ रहा भी
नहीं जाता
अफ़ीमी है तेरा मेरा प्यार

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