એ જ શબ્દો મને ગમે છે, જે લાગણીને રજૂ કરે છે.

हमसफर खूबसूरत नहीं,
कदर करने वाला होना चाहिए ।

जो मांगकर मिलता है, वह मन्नत है।
मुझे तो तुं चाहिये, जो मेरी जन्नत हैं।।

कल्पेश 'मीत'

मेरी इस दिवानगी मैं कुछ कसूर तुम्हारा भी है..!!

तुम इतने प्यारे न होते तो हम भी इतने दिवाने न होते..!!

लाजमी है, तेरा खुद पर बहुत गुरूर करना,
हम जिसे चाहे वो मामूली हो ही नहीं सकता।

👫 मुझे तेरा साथ...👫
जिंदगी भर नहीं चाहिये...

बल्कि जब तक तु साथ है,
तब तक जिंदगी चाहिये ।।

तेरे चाहने वाले लोग जरूर ज्यादा होंगे,
पर कोई मुझ सा तेरा आशिक ना होगा।

कल्पेश 'मीत'

इंतजार......

अक्षर वहीं अधूरे रहे जाते हैं...,
जो बहुत शिद्दत से किये जाते हैं ।

ऐ मोहब्बत! शरम से डूब मर,😏

तुं एक शख्स को मेरा ना कर सकी...