Hey, I am reading on Matrubharti!

अपने शब्दों में ताकत डाले आवाज मैं नहीं क्योंकि फूल बारिश से खिलते है तूफानों से नही....

एक अजीब सी दौड है ये ज़िन्दगी जीत जाओ तो कई अपने पिछे छूट जाते हैं और हार जाये तो अपने पीछे छोड़ जाते हैं...

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मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता है। लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता ....