मैं तारा गुप्ता लखनऊ (उ.प्र.) से‌ मेरी लेखन की मूल विद्या कविता व, गीत एवं कहानी हैं .मेरी रचनाएं अनेक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. वर्तमान में मैं सद्ग्रहणी होने के साथ -साथ सहित्यिक गति विधियों के साथ ही सामाजिक गतविधियों में भी संलग्न हूं.

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
1 महीना पहले

दुख ऐसी प्रयोगशाला है जहां आत्मविश्वास परखा जाता है

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
1 महीना पहले

सदा खुशियां व दुआएं दी है ,हमने जो लौट कर अभी तक आया ही नहीं।

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
3 महीना पहले

न किसी से कोई उम्मीद,
न किसी से कोई गिला,
जो अपने हिस्से में था,
आखिर वही मिला।

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
4 महीना पहले

मेरे अपने रहते है मुझसे ही खफा। सबसे मैं अपने मन की बात नहीं कहती।।

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
4 महीना पहले

रिश्ते कहां खतम होते हैं
जिंदगी के सफर में।
मंजिलें तो वही हैं जहां ख्वाहिशें थम जाएं

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
4 महीना पहले

मेरी आंखों की नमी, तुम्हारा राज देतीं है।
कुछ भी सुनु
तो हर आहट तेरा पैगाम देती है।

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
4 महीना पहले

अंधेरा घना दिखता नही है कुछ
ठंडा सा झोका छूकर
निकल गया।

Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
4 महीना पहले

हवा दीपक बुझाना चाहती है
आगे मंजिल बुलाना चाहती है ।
दुआएं तेरी जो दिखती नहीं
वो मेरे साथ रहना चाहती हैं।

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Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
4 महीना पहले

चार दिन की ये जिंदगी, खुशियों से गुनगुनाना चाहती हूं ।
बने थे जो रिश्ते तेरे मेरे, उन यादों को साथ रखना चाहती हूं

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Tara Gupta बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
5 महीना पहले

जी भर की रोते हैं तो करार मिलता है।
इस जहां में कहां सबको प्यार मिलता है।
जिंदगी गुजर जाती है, इम्तहानों की दौर से।
एक जख्म भरता है, दूसरा तैयार मिलता है।
(संकलित)

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