hi , i am a small writer

ज़िंदगी पल-पल ढलती है;
जैसे रेत बंद मुट्ठी से फिसलती है;
शिकवे कितने भी हो हर पल;
फिर भी हँसते रहना;
क्योंकि ये ज़न्दगी जैसी भी है,
बस एक बार ही मिलती है।
suresh

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दिल के सागर मे लहरे उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख्वाबो में आ कर यू तडपाया ना करो
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हमने भी कभी प्यार किया था,
थोड़ा नही बेशुमार किया था,
दिल टूट कर रह गया,
जब उसने कहा, अरे मैने तो मज़ाक किया था…
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Ho chuki mulakaat abhi salaam baaki hai
Tumhare naam ki do ghoont sharaab baki hai
Tumko mubarak ho khushiyoon ka shamyaana
Mere naseeb me abhi do gaz zameen baki hai…

एक मूर्ति बेचने वाले गरीब कलाकार के लिए...किसी ने क्या खूब लिखा है.... ""गरीबो के बच्चे भी खाना खा सके त्योहारों में, तभी तो भगवान खुद बिक जाते है बाजारों में..!

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जाड़े की धूप

टमाटर का सूप ।।
???
मूंगफली के दाने

छुट्टी के बहाने ।।
???
तबीयत नरम

पकौड़े गरम ।।
???
ठंडी हवा

मुँह से धुँआ ।।
???
फटे हुए गाल

सर्दी से बेहाल ।।
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तन पर पड़े

ऊनी कपड़े ।।
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दुबले भी लगते

मोटे तगड़े ।।
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किटकिटाते दांत

ठिठुरते ये हाथ ।।
????
जलता अलाव

हाथों का सिकाव ।।
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गुदगुदा बिछौना

रजाई में सोना ।।
????
सुबह का होना

सपनो में खोना ।।
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स्वागत है सर्दियों का आना
आपको सर्दी शुरू होने की शुभकामनांए
??? suresh ???

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नमक की तरह हो गयी है जिंदगी,
लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं !!!

चेतावनी
अगर आपको कोई अनजान पार्सल मिले;
तो उसे ना खोलें उसमें मेरी फोटो हो सकती है;
और आपकी ज़रा सी लपरवाही आपको;
मेरा दीवाना बना सकती है।

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तू मेरी__ chocolate
मैं तेरा__ pasta
आज तो
★I love you★
बोल दे तुझे खुदा का वास्ता
**suresh**
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कभी मुझ को साथ लेकर, कभी मेरे साथ चल के;
वो बदल गए अचानक, मेरी ज़िन्दगी बदल के;

हुए जिस पे मेहरबाँ, तुम कोई ख़ुशनसीब होगा;
मेरी हसरतें तो निकलीं, मेरे आँसूओं में ढल के;

तेरी ज़ुल्फ़-ओ-रुख़ के, क़ुर्बाँ दिल-ए-ज़ार ढूँढता है;
वही चम्पई उजाले, वही सुरमई धुंधल के;

कोई फूल बन गया है, कोई चाँद कोई तारा;
जो चिराग़ बुझ गए हैं, तेरी अंजुमन में जल के;

मेरे दोस्तो ख़ुदारा, मेरे साथ तुम भी ढूँढो;
वो यहीं कहीं छुपे हैं, मेरे ग़म का रुख़ बदल के;

तेरी बेझिझक हँसी से, न किसी का दिल हो मैला;
ये नगर है आईनों का, यहाँ साँस ले संभल के।

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