Hey, I am on Matrubharti!

Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

मोदी जी का भाषण प्रभावी-जोरदार यदि ना होता,

सारी दुनिया थम सी गयी, ऐसा अनुपालन ना होता ।

कोरोना से बचने का सुगम उपाय यही था ।

मानव ने अब सीख लिया ,तन दूरी रखना उचित था।--

#जोरदार

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
3 महीना पहले

सेना इतनी विस्ततीर्ण करो
जो वैरी का दिल दहला दे ।
पाकिस्तान हो या फिर चीन देश,
नामो निशान तक मिटवा दे ।
तुम वीर- धीर बढ.ते रहना ,
शत्रुओ का वक्ष विदीर्ण करो।-----



#विस्तीर्ण

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

ऐ पिता तुम्हे शत-शत वन्दन,

अभिन्दन है शत अभिन्दन ।
तुम सागर से गम्भीर रहे ,
मन पीडा. तल मे छिपा रहे।
तुम बने रहे अम्बर समान ,
सबकी हरते पीडा महान ।
अपने तन की परवाह न कर ,
श्रम करके काटे तीन प्रहर ।
वो दिन भी मुझको याद अभी ,
दी प्यार की पुचकी, डाट कडी. ।
नव नीति सिखाकर दिया ग्यान ,
मै हूँ नत मस्तक ससम्मान ।
#जवळपास

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
3 महीना पहले

निज उन्नति तबही करे,जब मन मे रखे विचार।
शिक्षा सदगुण और दया,कुछ करले पर उपकार।।
#उन्नति

Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया मराठी सुविचार
3 महीना पहले

सँस्कृत साहित्य मे महाकवि कालिदास अद्वतीय कवि है।
#अद्वितीय

Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी सुविचार
3 महीना पहले

ईश्वर ही एक अद्वतीय शक्ति है,जिसने सृष्टि की रचना की।
प्रृथ्वी-आकाश-पाताल-चराचर,मानव सृष्टि मे रसना भर दी।

#अद्वितीय

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी सुविचार
3 महीना पहले

सज्जन व्यक्ति अपना समय साहित्य पढ.कर, सत्सँग करके बिताता है, वही मूर्ख प्राणी अपना समय झगडो.मे
पर निन्दा व कलह मे गँवाता है।
#मूर्ख

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

एक थी कोमल कली जोअचानक,
निर्दयी के हाथ मे थी आ फँसी
मन मे सहमी और डरी फिर,
भाग्य से कुछ प्रश्न भी करती रही।
क्यो न मुझको राजपथ पर था लगाया?
या शहीदो के शवो पर ही सजाया!

निर्दयी के हाथ मे ही क्यो थमाया?
उसने मसला हाथ से आनन्द पाया।-----------

#निर्दयी

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

हमतो सदा ही रहे ,तेरेही दया के पात्र,
जैसा चाहो हमको ,निखार प्रभु दीजिये।
अशरण हूँ मै अब आयी तूम्हारेद्बार ,
शरण मे लेके स्वीकार मुझे कीजिये।
भक्ति-शक्ति देना, वरदान देना दास को,
बनू मै सुपात्र, दुर्भाग्य दूर कीजिये।।

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Suman Lata Singh कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

कार्य सदा सुन्दर करो, आगम निगम विचार।
द्रुतगति से करनेपर,भूल-चूक बढि. जाय।
भूल-चूक बढि. जाय,सदा ही हानि करावे,
मन हो जाये व्यथित, चित्त को चैन न आवै।
कहती सुमन बिचारि, शीध्रता है सुखदायी,
बिना बिचारे किये काम ,तो है दुखदायी।।
#द्रुत

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