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Fiction Stories free PDF Download | Matrubharti

6 जून
by VIKAS BHANTI
  • (1)
  • 27

मणिका की नई नौकरी उसे नए जोश से भर रही थी | पर एक डर भी था अनजान शहर जाकर वहां नयी ज़िन्दगी शुरू करना | पति की मौत ...

खेल प्यार का...7
by Sayra Khan
  • (15)
  • 214

कायनात मुस्कुराते हुए बोली! "तुम बहुत पागल हो! हर बार मेरे पास रहने का सोचते हो! "वो प्यार में अंधी कुछ समझ ही नही पाई कि उसके साथ अब क्या होने ...

आज और कल
by Alok Sharma
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  • 40

अंकुर के 8वीं का परिणाम घोषित हुआ । अंकुर के दो मित्र आनन्द और अभिषेक उसके घनिष्टट मित्र थे। बातों ही बातों में अभि ने आनन्द से पूछा-‘‘ इस ...

तुम मिले - 9
by Ashish Kumar Trivedi
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  • 104

                        तुम मिले (9)कई मिनटों तक मुग्धा वैसे ही बैठी रहीं। फिर खुद को संभाल कर उसने सुकेतु ...

माँ बाप
by Shubham kumar
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मिस्टर गुप्ता मॉर्निंग वॉक के लिए निकले ही थे कि उनके पड़ोसी मिस्टर मुखर्जी भी अपने घर से वॉक के लिए मिस्टर गुप्ता के साथ चल देते हैं। गुप्ता ...

क़सूर तो तुम्हारा था,फ़िर सजा मुझे क्यों मिली ?
by Sonia chetan kanoongo
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  • 90

क्या हुआ था तुम्हारे साथ?ये सवाल अभी तक ना जाने कितनी बार निधि के जहन से गुजरा ,पर वो ख़ामोश ही रही ,उसे फिर से उन्ही भावनाओं को महसूस ...

OUT OF CONTROL - 5
by Udit Ankoliya
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( पिछली कहानी में देखा कि चक ,स्टेसी ,और जेरी तीनो अपने अपने घर पहुचते हैं अब आगे...)करीब 7 बजे जेरी घर पहुचता हैं । रोबर्ट और टोबी  TV ...

खेल प्यार का... भाग 6
by Sayra Khan
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प्रस्तावना..... कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है ! मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो ...

तुम मिले (8)
by Ashish Kumar Trivedi
  • (6)
  • 86

                          तुम मिले (8)गेस्टरूम में बैठी हुई मुग्धा सोंच रही थी कि सौरभ के बारे में उसे ...