I am reading and writing on MB besides for Delhi Press English and Hindi magazines.

S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
1 घंटा पहले

जब से मेरी जिंदगी में तुम आये सनम

नहीं पड़ते हैं जमीं पर मेरे कदम

न जाने किस दुनिया में खोये हैं हम

रखने है कहीं और कहीं रखते हैं कदम

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S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ प्रभात
1 दिन पहले

जब सावन में झूलें पेड़ के नीचे

गोरे गोरे हाथों में मेहँदी लगा के

क्या कहने जब प्रीतम झुलाये झूले

S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
5 दिन पहले

एक हास्य लघु कथा

एक कंजूस ईसाई आदमी को जब डॉक्टर ने कहा “ अब तुम अपनी वसीयत कर दो . तुम कुछ ही दिनों के मेहमान हो ? “

कंजूस आदमी ने अपनी बीबी से कहा “ मैंने अपने तकिये में काफी रुपये छिपा खे हैं . डॉक्टर ने अब जवाब दे दिया है . मेरे रुपयों को मेरे ताबूत में दफन कर देना . अगले जन्म में मेरे काम आएगा . ऐसा मैंने वसीयत में लिखा है . “

उसकी कंजूसी से पत्नी भी तंग आ चुकी थी . कंजूस की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी ने ताबूत बंद करते समय एक बंद लिफाफा उसके ताबूत में रख दिया . वकील ने औरत को वसीयत की याद दिलायी और कहा “ इनके सब रूपये आपने ताबूत में रख दिया है न ? “

“ जी , इनके सारे नोट 2000 के थे . कहीं फिर नोटबंदी न हो जाये इसी डर से मैंने सारे रुपयों का एक चेक इनके नाम लिख कर बंद लिफाफे में रख दिया है . चेक में डेट भी नहीं लिखा है ताकि अगले जन्म में डेट डाल कर ये इसे कैश कर सकें . “

😂 😂😂 😂

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S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ रात्रि
5 दिन पहले

हाथ अगर थामा तो हम नहीं छोड़ते

वादा कर के हम नहीं तोड़ते

इसलिए हम कभी वादा ही नहीं करते

S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
6 दिन पहले

कभी हमने भी चाहा था दिल लगाना

जब ठोकर लगी तो हमने ये जाना

बड़ा बेमुरव्वत बन गया है ये ज़माना

पल भर में अपना बन जाता है बेगाना

बड़ा आसां है पलकों पे बिठा के गिराना

वफ़ा के बदले मिलता यहाँ ज़फ़ा नजराना

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S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया English कविता
6 दिन पहले

Don’t merely read but learn

Don’t merely idle but earn

Don't merely hear but listen

Don’t merely criticize but embolden

Don’t merely take but give

Don’t merely punish but forgive

Don’t merely talk but act

Don’t merely tolerate but react

Don’t merely suspect but believe

Don’t merely roam but live

Don’t merely see but realize

Don’t merely avoid but finalize .

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S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
1 सप्ताह पहले

कभी इंसान की होती है ऐसी मजबूरी

कि पास रह कर भी लगती है दूरी

और मन की बात मन में रह जाती है धरी

S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
1 सप्ताह पहले

बार बार मुझे ये समझाए सदा ए दिल

प्रेम के अंकुर निकले पर मिल न सके दो दिल

प्यार की शमा जली पर रौशनी हो न सकी

तेरी बदनसीबी मोहब्बत मुक़्क़मल हो न सकी

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S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी सुविचार
1 सप्ताह पहले

अपनी तुलना दूसरों से न करें

S Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया English सुविचार
1 सप्ताह पहले

. “Failure should be our teacher, not our undertaker. Failure is delay, not defeat. It is a temporary detour, not a dead end. Failure is something we can avoid only by saying nothing, doing nothing, and being nothing.” - Denis Waitley